मथुरा के कोसीकलां इलाके में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर चंद्रशेखर की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। आरोप है कि गौ-तस्करों ने उनकी बाइक को टक्कर मारकर उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद गुस्साए समर्थकों ने आगरा-मथुरा हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू हो गया। भीड़ इतनी उग्र हो गई कि कई जगह पथराव भी हुआ, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है।
‘फरसा वाले बाबा’ का असली नाम चंद्रशेखर था। वे अपने साथ हमेशा फरसा (कुल्हाड़ी जैसा हथियार) रखते थे, जिसकी वजह से लोग उन्हें इसी नाम से जानते थे। वे मुख्य रूप से कोसीकलां और आसपास के इलाकों में अवैध गौ-तस्करी के खिलाफ सक्रिय रहते थे। चंद्रशेखर कुछ हिंदूवादी संगठनों से भी जुड़े हुए थे और उन्होंने गोरक्षकों की एक टीम बना रखी थी। उनके समर्थकों का कहना है कि वे गायों की रक्षा के लिए हमेशा आगे रहते थे। उनकी मौत के बाद समर्थकों ने उन्हें ‘गौ पुत्र शहीद’ का दर्जा देने की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, चंद्रशेखर बाबा को गौ-तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वे तुरंत अपनी बाइक से संदिग्ध तस्करों का पीछा करने निकल पड़े। बताया जा रहा है कि जब उन्होंने तस्करों की गाड़ी को रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने तेज रफ्तार में वाहन उनकी ओर मोड़ दिया। इस जोरदार टक्कर में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों और संगठनों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और हाइवे जाम कर दिया।
घटना के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके आधार पर बाकी आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।