Controversy On 'Dhurandhar 2' : राम्या ने बताया बोरिंग और प्रोपेगेंडा, दर्शकों को थिएटर से दूर रहने की सलाह

Authored By: News Corridors Desk | 21 Mar 2026, 03:37 PM
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आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च को रिलीज होते ही चर्चा में आ गई। फिल्म ने सिर्फ दो दिनों में 226.27 करोड़ रुपये कमा लिए, जो काफी बड़ी ओपनिंग मानी जा रही है। कुछ लोगों को यह फिल्म पसंद आई है, लेकिन कई लोग इसे प्रोपेगेंडा फिल्म कहकर आलोचना भी कर रहे हैं।

इसी बीच एक्ट्रेस और पूर्व सांसद राम्या ने फिल्म की जमकर आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘धुरंधर 2’ बहुत बोरिंग है। उनके अनुसार, फिल्म देखना ऐसा लगता है जैसे कोई लंबी और उबाऊ किताब पढ़ रहे हों, जिसका अंत ही नहीं हो रहा।

राम्या ने लोगों को सलाह दी कि वे इस फिल्म को थिएटर में देखने न जाएं, क्योंकि इससे उनका समय और पैसा बर्बाद होगा। उन्होंने कहा कि अगर देखना ही है, तो OTT पर देखें, जहां बीच में रोक सकते हैं। उन्होंने फिल्म के डायरेक्शन, डायलॉग, म्यूजिक और एक्टिंग सबको कमजोर बताया।

उन्होंने पहले पार्ट ‘धुरंधर’ की तारीफ करते हुए कहा कि उस समय लोगों में बहुत उत्साह था। थिएटर में लोग खुश थे और फिल्म को एन्जॉय कर रहे थे। लेकिन ‘धुरंधर 2’ में ऐसा कुछ भी नहीं है। इस बार दर्शकों में कोई खास उत्साह नहीं दिखा।फिल्म के हीरो रणवीर सिंह पर भी राम्या ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि लोग बोलते हैं रणवीर ने फिल्म संभाली, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं लगा। उन्होंने मजाक में कहा कि पूरी फिल्म में उनका ध्यान सिर्फ रणवीर के बालों पर ही गया। उनके अनुसार, पहले पार्ट में रणवीर का लुक और किरदार ज्यादा अच्छा था।

राम्या ने फिल्म में दिखाए गए ज्यादा वायलेंस पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म में हर चीज को हथियार बना दिया गया है—जैसे चाकू, चेन, बंदूक, यहां तक कि छोटी-छोटी चीजें भी। उनके अनुसार, इतना ज्यादा वायलेंस है कि बाद में वह डराने के बजाय मजाक जैसा लगने लगता है। उन्होंने एक सीन का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्म में ऐसे अजीब दृश्य हैं, जहां घायल आदमी भी आराम से डायलॉग बोलता रहता है। इस पर उन्होंने मजाक में कहा “मेडिकल साइंस जिंदाबाद”।

आखिर में राम्या ने कहा कि ‘धुरंधर 2’ एक बड़ी निराशा है। न इसमें अच्छी कहानी है और न ही सही मनोरंजन। उन्होंने कहा कि अगर किसी को पहला पार्ट पसंद आया था, तो यह फिल्म देखकर उसे निराशा ही होगी। उन्होंने आदित्य धर को सलाह दी कि अब देशभक्ति और प्रोपेगेंडा वाली फिल्मों का समय खत्म हो गया है और दर्शक अब कुछ नया देखना चाहते हैं।