Chaitra Navratri 2026 : चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है। चैत्र नवरात्रि में भक्त पूरे मन से मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं। माना जाता है कि इन दिनों मां अपने भक्तों पर विशेष कृपा करती हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। उनका स्वरूप बहुत ही सुंदर और शक्तिशाली होता है। उनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र होता है, इसलिए उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इस दिन भक्त विधि-विधान से पूजा करते हैं और आरती गाते हैं, जिससे मन को शांति मिलती है। मां चंद्रघंटा की पूजा करने से व्यक्ति के अंदर साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है। उनका संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा से जीवन की परेशानियां कम होती हैं। घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है और नकारात्मकता दूर होती है। ऐसा भी कहा जाता है कि जिन लोगों के विवाह में रुकावट आ रही हो, उन्हें मां चंद्रघंटा की पूजा करनी चाहिए। उनकी कृपा से जीवन में खुशियां और सफलता आती है।
मां चंद्रघंटा की आरती (Maa Chandraghanta Aarti Lyrics)
जय मां चंद्रघंटा सुख धाम।
पूर्ण कीजो मेरे सभी काम।
चंद्र समान तुम शीतल दाती।
चंद्र तेज किरणों में समाती। क्रोध को शांत करने वाली।
मीठे बोल सिखाने वाली।
मन की मालक मन भाती हो।
चंद्र घंटा तुम वरदाती हो।
सुंदर भाव को लाने वाली।
हर संकट मे बचाने वाली।
हर बुधवार जो तुझे ध्याये।
श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं।
मूर्ति चंद्र आकार बनाएं।
सन्मुख घी की ज्योत जलाएं।
शीश झुका कहे मन की बाता।
पूर्ण आस करो जगदाता।
कांची पुर स्थान तुम्हारा।
करनाटिका में मान तुम्हारा।
नाम तेरा रटू महारानी।
भक्त की रक्षा करो भवानी।