उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हाल ही में गंगा नदी में नाव पर आयोजित इफ्तार पार्टी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीते सोमवार को कुछ युवकों ने नाव पर इकट्ठा होकर इफ्तार किया और कथित तौर पर चिकन बिरयानी खाई। इसके बाद बचा हुआ खाना, जिसमें हड्डियां भी शामिल थीं, गंगा नदी में फेंक दिया गया। यह पूरा वाकया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इसे गंगा की पवित्रता के खिलाफ बताया।
इस मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नाव पर खाने और उसे नदी में फेंकने की घटना से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच की और वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान कर 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कोतवाली के एसीपी ध्रुव प्रताप सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
वाराणसी नगर निगम ने भी घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। नगर निगम के पीआरओ ने कहा कि गंगा की शुचिता और पवित्रता बनाए रखना हर किसी की जिम्मेदारी है। घाटों और नदी में किसी भी तरह की गतिविधि को नगर निगम के दिशा-निर्देशों और धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखते हुए ही किया जा सकता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि गंगा के संरक्षण और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना कितना महत्वपूर्ण है।