समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार (15 मार्च) को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अगले महीने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ेगा और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगी। अखिलेश यादव ने कहा कि बंगाल की जनता राजनीतिक रूप से काफी जागरूक है और वह केंद्र सरकार की नीतियों तथा भेदभाव को समझती है। उनके मुताबिक, राज्य के मतदाता लोकतंत्र और अपने अधिकारों को लेकर सजग हैं और वे ऐसे फैसले लेंगे जिससे प्रदेश में स्थिर और मजबूत सरकार बन सके। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कई राज्यों में अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की है, लेकिन बंगाल की जनता पहले भी अपना फैसला स्पष्ट कर चुकी है और इस बार भी परिणाम कुछ अलग नहीं होगा।
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी साफ किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सपा असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में गठबंधन के सहयोगी दलों का समर्थन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन की ताकत ही विपक्ष की सबसे बड़ी ताकत है और सभी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। असम में सीट की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी को सीट नहीं भी मिलती है, तब भी उनका समर्थन ‘इंडिया’ गठबंधन को ही रहेगा। उनके मुताबिक, विपक्षी दलों का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना और देश में संतुलित राजनीति को बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी दलों को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि जनता के सामने एक मजबूत विकल्प पेश किया जा सके।
सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग से इन चार राज्यों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हों। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग को किसी भी तरह से केंद्र सरकार के प्रभाव में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह बेहद जरूरी है कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं और सभी दलों को बराबर का अवसर मिले। बंगाल के मतदाताओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वहां की जनता राजनीतिक रूप से जागरूक है और उन्हें अच्छी तरह पता है कि कौन-सी सरकार उनके हित में काम कर रही है। उनके अनुसार, बंगाल के लोग केंद्र के साथ हुए भेदभाव को भी नहीं भूलेंगे और मतदान के समय इसका जवाब देंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि यूपी में जल्द ही ‘बुलडोजर चालक’ बदलेगा और आने वाले समय में वे फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है तो इटावा में लगभग 1,000 एकड़ क्षेत्र में छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित एक विशाल पार्क बनाया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में अखिलेश यादव ने हल्के-फुल्के अंदाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पिछले महीने जब पीएम मोदी इजराइल की यात्रा से लौट रहे थे, तो उन्हें ईरान में भी रुकना चाहिए था। अखिलेश के अनुसार, अगर पीएम मोदी पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को रुकवाने में भूमिका निभाते, तो उन्हें सही मायनों में ‘विश्वगुरु’ बनने का मौका मिल सकता था, लेकिन उन्होंने यह अवसर गंवा दिया।