Rajkot spy camera scandal : डॉक्टर पर 4000 वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप

Authored By: News Corridors Desk | 22 Mar 2026, 03:02 PM
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गुजरात के राजकोट शहर से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ मेडिकल प्रोफेशन बल्कि समाज में निजता और सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, डॉक्टर कमल नांढा समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ जबरन वसूली, आपराधिक साजिश, जान से मारने की धमकी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत एक 49 वर्षीय डॉक्टर द्वारा दर्ज कराई गई है, जिन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. कमल नांढा ने उनके क्लिनिक में एक जासूसी कैमरा लगाकर उनके निजी पलों को रिकॉर्ड किया। बताया गया कि यह कैमरा साधु वासवानी रोड स्थित क्लिनिक में बल्ब होल्डर के अंदर छिपाकर लगाया गया था, जिससे किसी को शक न हो।

मामले की जानकारी देते हुए जगदीश बांगरवा, डीसीपी क्राइम, ने बताया कि आरोपी के पास बीएचएमएस की डिग्री है और वह लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में शामिल था। जांच में सामने आया है कि कैमरे में एक मेमोरी कार्ड लगाया गया था, जिसमें लगातार वीडियो रिकॉर्ड होते रहते थे। आरोपी समय-समय पर मेमोरी कार्ड बदलकर डेटा अपने पास सुरक्षित रखता था। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यह पूरा खेल 2023 से चल रहा था और इस दौरान आरोपी ने करीब 3,000 से 4,000 वीडियो रिकॉर्ड किए। ये वीडियो कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। आरोप है कि इन वीडियो को कुछ स्थानीय पत्रकारों के साथ साझा किया गया, जिसके बाद पीड़ितों से पैसे की मांग की जाती थी।

इस पूरे मामले ने एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है, जिसमें कुछ कथित पत्रकारों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है, जो इन वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों को डराकर पैसे वसूल रहे थे। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इसमें मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े व्यक्ति पर ही भरोसे का दुरुपयोग करने का आरोप है। जहां लोग इलाज के लिए जाते हैं, वहीं उनकी निजता के साथ इस तरह का खिलवाड़ होना बेहद चिंताजनक है।

फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है, क्योंकि पुलिस डिजिटल सबूतों और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल किस हद तक खतरनाक हो सकता है और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर हमें कितना सतर्क रहने की जरूरत है।