PM Narendra Modi created history : सबसे लंबा शासनकाल, 8931 दिन का रिकॉर्ड

Authored By: News Corridors Desk | 22 Mar 2026, 05:43 PM
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भारत की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए नरेंद्र मोदी ने अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली है। बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी कुल सेवा अवधि अब 8931 दिनों तक पहुंच गई है, जो भारत के किसी भी निर्वाचित प्रमुख पद पर सबसे लंबा कार्यकाल माना जा रहा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पवन कुमार चामलिंग के नाम था, जिन्होंने सिक्किम के मुख्यमंत्री के रूप में 8930 दिनों तक शासन किया था। नरेंद्र मोदी ने इस आंकड़े को पार करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। खास बात यह है कि उनका राजनीतिक सफर अभी भी जारी है, जिससे यह रिकॉर्ड और आगे बढ़ने की संभावना है।

नरेंद्र मोदी का राजनीतिक करियर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के साथ नई दिशा में आगे बढ़ा। उन्होंने लगातार चार कार्यकाल तक राज्य का नेतृत्व किया और 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2019 में दोबारा बहुमत के साथ सत्ता में लौटकर उन्होंने अपने नेतृत्व को और मजबूत किया। इस उपलब्धि पर देशभर से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि 145 करोड़ भारतीयों की सुख-समृद्धि और संतुष्टि के लिए निरंतर कार्यरत प्रधानमंत्री का यह कीर्तिमान जनविश्वास का प्रतीक है। उनके अनुसार, यह उपलब्धि “विकसित भारत” के लक्ष्य की दिशा में मजबूत नेतृत्व और जनसमर्थन को दर्शाती है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इतने लंबे समय तक सत्ता में बने रहना केवल चुनाव जीतने का परिणाम नहीं होता, बल्कि इसके पीछे संगठन क्षमता, जनसंपर्क, और बदलते राजनीतिक परिदृश्यों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता भी अहम भूमिका निभाती है। नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में कई बड़े फैसले लिए—चाहे वह आर्थिक सुधार हों, बुनियादी ढांचे का विस्तार, डिजिटल इंडिया जैसी पहल या वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत करना समर्थकों का मानना है कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास और वैश्विक पहचान के नए आयाम स्थापित किए हैं। वहीं आलोचक यह भी कहते हैं कि इतने लंबे कार्यकाल के साथ जवाबदेही और नीतियों के प्रभाव का मूल्यांकन भी उतना ही जरूरी हो जाता है।

यह रिकॉर्ड राजनीतिक दृष्टि से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लगातार जनसमर्थन और स्थिर नेतृत्व को दर्शाता है। भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में लंबे समय तक सत्ता में बने रहना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक पड़ाव के बाद अपने नेतृत्व को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं और क्या वे इस रिकॉर्ड को और अधिक ऊंचाई तक ले जाते हैं। फिलहाल, 8931 दिनों का यह आंकड़ा भारतीय राजनीति में एक नया मानक स्थापित कर चुका है।