तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच सियासी जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। इस बार विवाद की वजह बना है बीजेपी नेता अमित मालवीय का बयान, जिसमें उन्होंने टीएमसी के ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ को लेकर सवाल उठाए थे। इस बयान पर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने जोरदार पलटवार किया है। अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए बीजेपी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ मजबूत और प्रभावी है, और इसे लेकर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए ‘बांग्ला विरोधी गुजराती गैंग’ शब्द का इस्तेमाल किया और पार्टी को सीधी चुनौती दी। बनर्जी ने कहा कि अगर बीजेपी को अपने आरोपों पर इतना ही भरोसा है, तो वह पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर दिखाए। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी अपने सबसे ताकतवर नेताओं और संसाधनों को मैदान में उतार ले, फिर भी उन्हें सफलता नहीं मिलेगी। अभिषेक बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राज्य में राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है। ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ टीएमसी के विकास और संगठनात्मक मजबूती का एक उदाहरण माना जाता है, जिसे लेकर पार्टी लगातार अपनी उपलब्धियों को गिनाती रही है।
बीजेपी की ओर से किए गए हमलों के जवाब में बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी जनता के भरोसे पर काम कर रही है और जमीनी स्तर पर विकास के जरिए अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप केवल राजनीतिक फायदे के लिए हैं और उनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आने वाले चुनावों से पहले दोनों दलों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत हैं। जहां बीजेपी पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं टीएमसी अपने गढ़ को बचाने और मजबूत बनाए रखने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है।
अभिषेक बनर्जी का यह सीधा चुनौती भरा रुख यह दर्शाता है कि टीएमसी किसी भी आरोप का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब देखना होगा कि बीजेपी इस चुनौती को स्वीकार करती है या फिर इस पर अपनी अलग रणनीति के साथ आगे बढ़ती है।