होर्मुज बंद, ईरान का नया रास्ता चालू, सुरक्षा या ‘समुद्री वसूली’ का खेल?

होर्मुज बंद, ईरान का नया रास्ता चालू, सुरक्षा या ‘समुद्री वसूली’ का खेल?

अमेरिका और ईरान के बीच भले ही संघर्षविराम की घोषणा हो चुकी हो, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz अब तक पूरी तरह नहीं खुल पाया है, और हमले भी जारी हैं।

हालात ऐसे हैं कि सीजफायर के बाद भी इस रास्ते से अब तक गिने-चुने जहाज ही गुजर पाए हैं। इसी बीच तेहरान ने एक नया विकल्प पेश किया है—जहाजों के लिए एक “वैकल्पिक मार्ग”। लेकिन इस फैसले ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

माइन्स का डर, या रणनीति?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें (माइन्स) बिछाने का दावा किया है। इसी खतरे का हवाला देकर जहाजों को नए रूट से गुजरने की सलाह दी जा रही है।

यह नया रास्ता केश्म और लारक द्वीपों के बीच से होकर जाता है—और सबसे अहम बात, यह पूरा मार्ग ईरान के नियंत्रण वाले जलक्षेत्र में आता है। यानी हर गुजरने वाले जहाज पर Islamic Revolutionary Guard Corps की नजर और जांच संभव है।

क्या यह ‘टोल रूट’ बन रहा है?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ सुरक्षा का मामला नहीं हो सकता। क्योंकि नया रूट पूरी तरह ईरानी निगरानी में है, ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं यह “टोल वसूली” या दबाव बनाने की रणनीति तो नहीं।

जहाजों को निर्देश दिया गया है कि:

-एंट्री के लिए वे लारक द्वीप के उत्तर से होकर आएं
-और बाहर निकलते समय दक्षिणी हिस्से से गुजरें

इस तरह पूरा ट्रैफिक ईरान की पकड़ में रहेगा।

इजराइल-लेबनान तनाव से जुड़ा मामला

दरअसल, इजराइल द्वारा Beirut समेत लेबनान के कई इलाकों में तेज हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद कर दिया था। इन हमलों में भारी जानमाल का नुकसान हुआ है।

ईरान का कहना है कि लेबनान में शांति भी युद्धविराम का हिस्सा थी, लेकिन अमेरिका और इजराइल इससे सहमत नहीं हैं। ऐसे में हालात और जटिल हो गए हैं।

क्या बढ़ेगा वैश्विक संकट?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा संभालता है। ऐसे में इसका बंद रहना या नियंत्रित होना ग्लोबल मार्केट पर बड़ा असर डाल सकता है।

अब बड़ा सवाल यही है. क्या ईरान सुरक्षा के नाम पर नया सिस्टम बना रहा है, या यह समुद्री दबाव की एक नई चाल है?