पीएम पर टिप्पणी के लिए खरगे को नोटिस, आयोग ने 24 घंटे में जवाब मांगा

पीएम पर टिप्पणी के लिए खरगे को नोटिस, आयोग ने 24 घंटे में जवाब मांगा

दिल्ली। भारतीय जनता पार्टीी की शिकायत पर भारत निर्वाचन आयोग ने काँग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को  उनकी टिप्पणी के लिए नोटिस जारी करते हुए उनसे 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।

इससे पहले बीजेपी ने खरगे के बयान की निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग की थी। आपको बता दें कि काँग्रेस अध्यक्ष ने मंगलवार को चेन्नई में एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए ‘टेररिस्ट’ शब्द का इस्तेमाल किया था। हालांकि बाद में उन्होंने अपनी सफ़ाई देते हुए कहा था कि उनका वह आशय नहीं था बल्कि जिस प्रकार से सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है उसे लेकर उन्होंने ‘टेरराइज’ करने की बात कही थी।

खरगे की सफ़ाई के बावजूद बीजेपी के नेताओं ने बयान की निंदा करते हुए काँग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी से इस टिप्पणी के लिए देश से माफी की माँग की थी। इसके साथ ही बीजेपी ने निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया था।

निर्वाचन आयोग से की गई अपनी शिकायत में बीजेपी ने खरगे के बयान के आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए उनके बयान का तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह किया था। पार्टी ने आयोग से कहा था कि वह खरगे को सार्वजनिक माफी/ बयान वापसी का निर्देश दे और उन्हें प्रचार से रोकने के लिए समुचित प्रतिबंध लगाए या फिर क़ानून के मुताबिक़ अन्य सुधारात्मक क़दम उठाए। 

इससे पहले खरगे के बयान की निंदा करते हुए बीजेपी के नेताओं ने क्या कहा उसमें से कुछ बयान नीचे दिए गए हैं-

अमित शाह:

खरगे के विवादित बोल पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सार्वजनिक जीवन के मानको को कम करने में हर दिन काँग्रेस का व्यवहार पतन की तरफ़ जा रहा है। सोशल मीडिया एक्स पर किए अपने पोस्ट में शाह ने कहा कि भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को आतंकवादी कहकर आज काँग्रेस अध्यक्ष खरगे जी ने सार्वजनिक व्यवहार का हर मानक तोड़ दिया। देश के सबसे बड़े नेता का यह अपमान लाखों लोगों का अपमान है जो मोदी जी को प्रेम और समर्थन करते हैं।

नितिन नवीन:

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने खरगे की टिप्पणी को लोगों के जनादेश और प्रधानमंत्री में उनके विश्वास का अपमान क़रार दिया। उन्होंने कहा कि काँग्रेस और राहुल गांधी को खरगे के बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

नवीन ने आरोप लगाया कि जब विकास और तथ्यों पर काँग्रेस ख़ुद को घिरा पाती है तो राहुल गांधी, सोनिया गांधी और उनके ‘अनुयायी’ इस तरह का काम करते हैं ताकि मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।

बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि राहुल गांधी की काँग्रेस भारत के लोकतांत्रिक तौर पर चुने प्रधानमंत्री को ‘आतंकी’ कहकर नये पतन पर पहुँच गई है।

पीयूष गोयल:

खरगे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ इस तरह के व्यक्तिगत आक्षेपों से उनकी चुनावी क़िस्मत नहीं पलटने वाली है जो उनके कुशासन से पीड़ित जनता के गुस्से की वजह से पहले ही तय हो चुकी है।

तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों के पार्टी प्रभारी गोयल ने एक्स पर किए पोस्ट में कहा, “मैं शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं कि काँग्रेस और डीएमके इतने गिर गये हैं कि वे आतंकवादी कहकर प्रधानमंत्री का अपमान कर रहे हैं।”

अश्वनी वैष्णव:

केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने खरगे की टिप्पणी को ‘शर्मनाक’ क़रार देते हुए कहा कि खरगे ने प्रधामंत्री के प्रति ऐसी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करके 140 करोड़ भारतीयों का अपमान किया है। एक्स पर लिखे पोस्ट में वैष्णव ने कहा कि उनके वंशवाद से प्रेरित घृणा ने उन्हें अंधा कर दिया है। भारत के जनादेश पर अपमानजनक हमले के लिए राहुल गांधी को निश्तित तौर पर माफी मांगनी चाहिए।

योगी आदित्यनाथ:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एक्स पर लिखा कि देश के लोकप्रिय, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री के प्रति कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की असंसदीय टिप्पणी अक्षम्य, अति निंदनीय और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादाओं का घोर अपमान करने वाली है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह बयान कांग्रेस की हताशा, निराशा, मानसिक दिवालियापन और गिरती हुई राजनीतिक संस्कृति का स्पष्ट परिचायक है। मुद्दाविहीन, जनाधार-विहीन और नीतिविहीन, कुंठित कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि इस आपत्तिजनक टिप्पणी ने उनकी मृत 'साख' को भी रसातल में पहुंचा दिया है।’

योगी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपने इस अशोभनीय कृत्य के लिए देश और प्रधानमंत्री जी से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए।