पश्चिम बंगाल में वोटिंग से पहले बवाल, फॉर्म-6 को लेकर TMC और BJP आमने-सामने

Authored By: News Corridors Desk | 01 Apr 2026, 02:07 PM
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पश्चिम बंगाल में चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। वोटिंग में अभी करीब 22 दिन बाकी हैं, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में हिंसा, विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। खासतौर पर कोलकाता में हालात ज्यादा गरम हैं, जहां चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर लगातार हंगामा हो रहा है। इस पूरे विवाद के केंद्र में “फॉर्म-6” है, जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) आमने-सामने आ गए हैं।

क्या हुआ कोलकाता में?

खबरों के मुताबिक, कोलकाता में मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के दफ्तर के बाहर TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़प हुई। दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच मारपीट तक की नौबत आ गई। बताया जा रहा है कि मेदिनीपुर से एक व्यक्ति बैग लेकर चुनाव अधिकारी के दफ्तर पहुंचा था। TMC कार्यकर्ताओं को शक हुआ कि उसके बैग में फॉर्म-6 है, जिसका इस्तेमाल वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के लिए किया जा सकता है। इसी शक के आधार पर TMC कार्यकर्ताओं ने उस व्यक्ति को रोक लिया और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की। यहां तक कि उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। इस घटना के बाद वहां माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।

BJP का क्या कहना है?

इस पूरे मामले पर BJP ने साफ कहा है कि जिस व्यक्ति को रोका गया, उसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। BJP का दावा है कि वह एक आम नागरिक था, जो अपने निजी काम से वहां आया था। BJP ने TMC पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया और इसके विरोध में चुनाव अधिकारी के दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

TMC क्यों है आक्रामक?

वहीं दूसरी तरफ TMC का कहना है कि फॉर्म-6 के जरिए बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की कोशिश हो रही है। अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग और BJP पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हजारों की संख्या में ऐसे फॉर्म-6 जमा किए जा रहे हैं, जो असली मतदाताओं से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह “वोट चोरी” की साजिश हो सकती है। अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे से जुड़े कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किए और चुनाव आयोग से जवाब मांगा।

क्या है फॉर्म-6?

फॉर्म-6 एक आधिकारिक दस्तावेज है, जिसे चुनाव आयोग (ECI) जारी करता है। इस फॉर्म का इस्तेमाल तब किया जाता है जब कोई नया मतदाता पहली बार वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाना चाहता है कोई व्यक्ति एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट हो गया हो और अपना नाम नए क्षेत्र में दर्ज कराना चाहता हो यानि यह एक सामान्य और जरूरी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे लोग अपने वोट देने के अधिकार का उपयोग कर सकें।

चुनाव अधिकारी का क्या कहना है?

मुख्य चुनाव अधिकारी पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि उनके दफ्तर में ऐसा कोई सॉफ्टवेयर नहीं है, जिससे सीधे किसी का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा या हटाया जा सके। उनका कहना है कि फॉर्म-6 सिर्फ आवेदन का एक तरीका है, जिसके बाद पूरी जांच प्रक्रिया होती है। जांच के बाद ही कोई नाम जोड़ा या बदला जाता है।

क्यों बढ़ा विवाद?

फॉर्म-6 को लेकर विवाद इसलिए बढ़ा है क्योंकि TMC को शक है कि इसके जरिए बड़े स्तर पर फर्जी वोटर जोड़े जा सकते हैं। दूसरी तरफ BJP इन आरोपों को पूरी तरह से गलत बता रही है और इसे TMC की राजनीतिक रणनीति करार दे रही है। दोनों पार्टियां इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं और कार्यकर्ताओं के बीच टकराव भी बढ़ता जा रहा है।

आगे क्या हो सकता है?

आज फॉर्म-6 जमा करने की आखिरी तारीख है, इसलिए कोलकाता में फिर से हंगामे की आशंका जताई जा रही है। TMC कार्यकर्ता एक बार फिर चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर सकते हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।

निष्कर्ष:-

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले जिस तरह से हिंसा और विवाद बढ़ रहे हैं, वह चिंता का विषय है। फॉर्म-6 जैसे प्रशासनिक मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। TMC और BJP के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। इसका सीधा असर चुनावी माहौल और मतदाताओं पर पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ा हुआ है और आने वाले दिनों में स्थिति और भी गरमा सकती है।