मिडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब अमेरिका हर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं उठाएगा। एक इंटरव्यू में उन्होंने उन देशों को सीधा संदेश दिया जो होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल सप्लाई पर निर्भर हैं। ट्रंप ने कहा कि अब समय आ गया है कि ये देश खुद अपनी सुरक्षा और जरूरतों के लिए कदम उठाएं।
ट्रंप ने कहा कि अगर किसी देश को तेल चाहिए, तो उसे खुद आगे बढ़कर अपनी व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने यहां तक कह दिया कि “जरूरत हो तो जाकर खुद हासिल करें।” उनका कहना है कि पश्चिम एशिया और अन्य प्रभावित देशों को अब अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए। इससे पहले भी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसी तरह का सख्त रुख दिखाया था और देशों को अमेरिका से तेल खरीदने या खुद कार्रवाई करने की सलाह दी थी।
इस बीच अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रमुख पीट हेगसेथ ने भी बयान देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना सिर्फ अमेरिका की समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहले ही इस जलमार्ग को खुलवाने के लिए काफी प्रयास किए हैं, लेकिन अब अन्य देशों को भी आगे आना होगा।
गौरतलब है कि ईरान ने हाल ही में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से भारत समेत कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने लगा है। सैकड़ों जहाज इस रूट पर फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।