वृंदावन में बड़ा हादसा: यमुना में स्टीमर पलटा, कई की मौत

Authored By: News Corridors Desk | 10 Apr 2026, 08:17 PM
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मथुरा जिले के वृंदावन से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। यह घटना वृंदावन में यमुना नदी के श्रृंगार घाट के पास हुई, जहां श्रद्धालुओं से भरा एक स्टीमर अचानक पलट गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस स्टीमर में करीब 30 लोग सवार थे। ये सभी श्रद्धालु लुधियाना से मथुरा-वृंदावन दर्शन के लिए आए थे। बताया जा रहा है कि स्टीमर यमुना नदी में सामान्य रूप से चल रहा था, तभी अचानक वह पीपे (अस्थायी) पुल से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि स्टीमर संतुलन खो बैठा और पलट गया। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार शुरू हो गई।

इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या को लेकर शुरुआत में अलग-अलग जानकारी सामने आई, लेकिन प्रशासन के अनुसार अब तक कम से कम 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, लगभग 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। कुछ अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग नदी में बह गए थे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य के लिए स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम को भी लगाया गया है। नदी में डूबे लोगों की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बचावकर्मी नावों और विशेष उपकरणों की मदद से लापता लोगों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं।

घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि कई को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी भी दी जा सकती है। प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ लोग स्टीमर से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, जबकि कई लोग पानी में फंस गए। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की।

प्रशासन ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्टीमर कैसे अनियंत्रित हुआ और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि स्टीमर का संतुलन बिगड़ने और पुल से टकराने के कारण यह दुर्घटना हुई, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही सही कारण सामने आएगा।

सरकार और स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही, घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात भी कही गई है। इस हादसे ने एक बार फिर नदी परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उन जगहों पर जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

यह घटना न केवल एक दुखद हादसा है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सुरक्षा में थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती है। ऐसे में जरूरी है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।