Monalisa Bhosle Case : नाबालिग होने का खुलासा, POCSO में FIR

Authored By: News Corridors Desk | 10 Apr 2026, 04:52 PM
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वायरल गर्ल मोनालिसा भोंसले से जुड़ा मामला अब गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में यह सामने आया है कि मोनालिसा नाबालिग है। इस खुलासे के बाद उससे शादी करने वाले फरमान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, महेश्वर थाने में फरमान खान के खिलाफ POCSO Act के तहत FIR दर्ज की गई है। यह कानून नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में बेहद सख्त माना जाता है, इसलिए इस केस की गंभीरता काफी बढ़ गई है।

इस पूरे मामले की जांच NCST द्वारा की गई, जिसकी अगुवाई आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने की। इस मुद्दे को सबसे पहले अधिवक्ता प्रथम दुबे ने 17 मार्च 2026 को आयोग के सामने उठाया था। उनका आरोप था कि मोनालिसा को गलत तरीके से बालिग बताकर शादी कराई गई। जांच में यह भी सामने आया कि मोनालिसा पारधी जनजाति से संबंधित है और उसकी उम्र कानूनी विवाह की उम्र से कम है। आयोग की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश से लेकर केरल तक जांच की और 72 घंटे के भीतर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।

जांच टीम में शामिल अधिकारियों—सलाहकार प्रकाश और निदेशक पी. कल्याण रेड्डी—ने महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की। इन रिकॉर्ड्स के आधार पर मोनालिसा की उम्र कम पाई गई, जिससे यह पुष्टि हुई कि वह नाबालिग है।

इस मामले में अधिवक्ता प्रथम दुबे ने कुछ गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस शादी में कुछ राजनीतिक और अन्य संगठनों की भूमिका हो सकती है। इसमें CPI-M और PFI जैसे संगठनों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है और यह जांच का विषय है।

फिलहाल, सबसे अहम बात यह है कि मामला अब पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया में आ चुका है। POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज होने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और आगे की जांच जारी है।

आसान शब्दों में समझें तो, यह मामला अब सिर्फ एक वायरल शादी का नहीं रहा, बल्कि नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराध का रूप ले चुका है। आने वाले समय में अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई से इस पूरे मामले की सच्चाई और भी स्पष्ट होगी।