तमिलनाडु की राजनीति इस समय पूरी तरह से बदलती हुई नजर आ रही है। चुनाव नतीजों ने ऐसा समीकरण बना दिया है, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब राज्य में सरकार किसकी बनेगी और क्या थलापति विजय सच में मुख्यमंत्री बन पाएंगे? अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलनाडु वेट्री कड़गम (TVK) ने इस चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसने पारंपरिक राजनीति को पूरी तरह हिला दिया है। इस नतीजे ने न सिर्फ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) बल्कि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) को भी पीछे छोड़ दिया है।
TVK को कुल 108 सीटें मिली हैं, जो अपने आप में एक बड़ी जीत है। लेकिन सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 118 सीटों का है। यानी पार्टी को अभी भी 10 सीटों की जरूरत है। यही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। अब सवाल यह है कि TVK को समर्थन कौन देगा? सबसे पहले चर्चा में नाम आता है भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का, जिसने इस चुनाव में 5 सीटें जीती हैं। कांग्रेस ने पहले ही संकेत दिए हैं कि वह विजय को समर्थन दे सकती है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी विजय से बात की है।
इसके अलावा कुछ छोटे और क्षेत्रीय दल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन स्थिति अभी साफ नहीं है क्योंकि कई दल अभी निर्णय लेने की स्थिति में हैं। सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यह भी है कि क्या TVK, AIADMK के साथ मिलकर सरकार बना सकती है? आंकड़ों के हिसाब से AIADMK को 47 सीटें मिली हैं। अगर दोनों पार्टियां मिल जाएं तो बहुमत आसानी से बन सकता है। लेकिन यह गठबंधन आसान नहीं माना जा रहा क्योंकि AIADMK पहले से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ जुड़ी हुई है और विजय ने BJP को अपना वैचारिक विरोधी बताया है।
एक और संभावना यह है कि TVK, कांग्रेस और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ मिलकर सरकार बना सकती है। यही सबसे चर्चा वाला रास्ता माना जा रहा है। अगर छोटे दलों और निर्दलीयों का समर्थन मिल जाता है, तो TVK बहुमत तक पहुंच सकती है। इस बीच एक बड़ा राजनीतिक कदम भी सामने आया है। विजय ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। उन्होंने शपथ ग्रहण के लिए बुलाने की अपील भी की है। बताया जा रहा है कि पत्र में यह भी कहा गया है कि TVK दो हफ्ते के भीतर बहुमत साबित कर देगी।
पार्टी के अंदर भी हलचल तेज है। आज TVK कार्यालय में सभी विजयी उम्मीदवारों की बैठक हो सकती है, जहां आगे की रणनीति तय की जाएगी। सबसे खास बात यह है कि इस चुनाव ने तमिलनाडु की पुरानी राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। अब मुकाबला सिर्फ DMK और AIADMK के बीच नहीं रह गया है। TVK ने पहली बार में ही इतनी बड़ी जीत दर्ज करके नया राजनीतिक समीकरण बना दिया है। अब पूरे राज्य की नजर इस बात पर है कि क्या थलापति विजय सच में मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर तमिलनाडु में कोई नया गठबंधन उभरकर सामने आएगा। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि यह राजनीतिक कहानी किस मोड़ पर खत्म होती है या शुरू होती है।