Tamil Nadu Elections 2026: तमिलनाडु की राजनीति में 6 मई 2026 की स्थिति काफी चर्चा में बनी हुई है। इस समय सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है तमिलनाडु वेट्री कड़गम (TVK), जिसके नेता थलापति विजय हैं। चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद TVK के सामने सरकार बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
TVK को इस चुनाव में कुल 108 सीटें मिली हैं। यह संख्या उन्हें सबसे बड़ी पार्टी तो बनाती है, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत 118 से ज्यादा सीटों का है। यानी पार्टी अभी बहुमत से लगभग 10 सीटें पीछे है। इसी वजह से सरकार बनाने का गणित अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है।
इस स्थिति में TVK को अन्य दलों के समर्थन की जरूरत है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने का संकेत दिया है। कांग्रेस ने इस चुनाव में 5 सीटें जीती हैं। कांग्रेस का समर्थन मिलने से TVK की स्थिति कुछ मजबूत हुई है, लेकिन यह अकेला समर्थन बहुमत के लिए पर्याप्त नहीं है।
इसके अलावा कुछ ऐसे दल भी हैं जो पहले द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के साथ जुड़े हुए थे। इनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPIM) और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) शामिल हैं। इन सभी दलों को इस चुनाव में 2-2 सीटें मिली हैं। हालांकि इनका रुख पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि वे TVK का समर्थन करेंगे या नहीं। यही अनिश्चितता राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना रही है।
TVK के पास एक और संभावित विकल्प पट्टाली मक्कल काची (PMK) का समर्थन है। PMK के पास 5 सीटें हैं। अगर यह पार्टी TVK के साथ आ जाती है, तो बहुमत के आंकड़े तक पहुंचना आसान हो सकता है। इसलिए PMK का फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
दूसरी तरफ, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) से सीधे समर्थन मिलने की संभावना बहुत कम है। इसका कारण यह है कि AIADMK का गठबंधन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ है। वहीं थलापति विजय पहले ही BJP को अपना वैचारिक विरोधी बता चुके हैं। ऐसे में AIADMK और TVK के बीच सीधा गठबंधन बनना मुश्किल माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक तनाव भी देखने को मिल रहा है। कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने से DMK नाराज हो गई है। DMK ने इस कदम को गठबंधन के खिलाफ बताया है, जिससे विपक्षी गठबंधन में दरार आ गई है। इससे आगे की राजनीति और भी उलझ सकती है।
इसके अलावा TVK और कांग्रेस के बीच भी कुछ मुद्दे पूरी तरह सुलझे नहीं हैं। खासकर मंत्रिपद के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है। किस पार्टी को कितने मंत्री पद मिलेंगे, इस पर अभी सहमति नहीं बनी है। यही वजह है कि अंतिम फैसला अभी रुका हुआ है।
कुल मिलाकर, TVK ने चुनाव में अच्छा प्रदर्शन जरूर किया है, लेकिन सरकार बनाना अभी आसान नहीं है। बहुमत से 10 सीटों की कमी, छोटे दलों का अनिश्चित रुख, गठबंधन की राजनीति और विचारधारा के मतभेद—ये सभी मिलकर स्थिति को कठिन बना रहे हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि थलापति विजय कैसे जरूरी समर्थन जुटाते हैं और क्या वे तमिलनाडु में सरकार बनाने में सफल हो पाते हैं या नहीं।