रोमसन्स ग्रुप का बड़ा निवेश, फ्रेंच मेड-टेक कंपनी Gomida SAS में 26% हिस्सेदारी के लिए 15 करोड़ रुपये का सौदा। रणनीतिक साझेदारी के तहत यूनिवलैब्स, गोमिडा और रोमसन्स के बीच त्रिपक्षीय समझौता।
नई दिल्ली: हेल्थकेयर और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, रोमसन्स ग्रुप ने फ्रांस की मेड-टेक कंपनी Gomida SAS में 26% इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 15 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह साझेदारी एक रणनीतिक व्यावसायिक समझौते के रूप में की जा रही है, जो वैश्विक स्तर पर यूरिनरी-केयर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विस्तार को नई दिशा देगी।
वैश्विक इनोवेशन और टेक्नोलॉजी का मिलेगा लाभ
कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, Gomida SAS के पास यूरिनरी-केयर से जुड़ी अत्याधुनिक और पेटेंटेड तकनीकों का वैश्विक बौद्धिक संपदा (IP) पोर्टफोलियो है। इस निवेश के जरिए रोमसन्स ग्रुप को इन इनोवेशन्स तक पहुंच मिलेगी, जिससे भारत और अन्य बाजारों में नई संभावनाएं खुलेंगी।
त्रिपक्षीय समझौते से होगा संचालन
यह डील यूनिवलैब्स, गोमिडा और रोमसन्स के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते (Tripartite Agreement) के तहत संरचित की जाएगी। इस साझेदारी के माध्यम से तीनों कंपनियां मिलकर उत्पाद विकास, निर्माण और मार्केटिंग में सहयोग करेंगी।
निर्माण और मार्केटिंग के एक्सक्लूसिव अधिकार रोमसन्स के पास
समझौते के अनुसार, इक्विटी हिस्सेदारी के अलावा रोमसन्स ग्रुप को भारत और कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यूरोलॉजी कंज्यूमेबल प्रोडक्ट्स के निर्माण और मार्केटिंग के विशेष (exclusive) अधिकार प्राप्त होंगे। साथ ही, भविष्य में यूनिवलैब्स और गोमिडा द्वारा विकसित किसी भी नए उत्पाद पर भी ये अधिकार लागू होंगे।
हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारतीय हेल्थकेयर इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, खासकर यूरोलॉजी से जुड़े उत्पादों के क्षेत्र में। इससे घरेलू उत्पादन और तकनीकी क्षमता दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। रोमसन्स ग्रुप का यह निवेश न केवल अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है, बल्कि भारत में उन्नत मेडिकल तकनीकों की पहुंच को भी आसान बनाएगा। आने वाले समय में इस साझेदारी के सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।