भारत में करेंसी का स्वरूप बदलने की दिशा में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तैयारी आगे बढ़ती दिख रही है। कम मूल्य वाले पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोटों को लाने की प्रक्रिया के तहत भारतीय और विदेशी कंपनियों ने सिक्योरिटी फीचर्स से लैस पॉलीमर सब्सट्रेट शीट की सप्लाई के लिए बोली लगाई है। शुरुआत में 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोट लाने की योजना बताई गई है।
BRBNMPL ने जारी किया ग्लोबल EOI
RBI की सब्सिडियरी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण (P) लिमिटेड (BRBNMPL) ने पॉलीमर सब्सट्रेट की सप्लाई के लिए ग्लोबल Expression of Interest (EOI) जारी किया था। इसकी डेडलाइन 18 अगस्त थी। इसके जवाब में कम से कम दो विदेशी पॉलीमर करेंसी निर्माता कंपनियों और UK की बैंकनोट कंपनी De La Rue के साथ साझेदारी वाली एक भारतीय सब्सट्रेट कंपनी ने बोली लगाई है।
चीन और पाकिस्तान से ऑपरेशन अलग रखने की शर्त
पॉलीमर करेंसी की भविष्य की सप्लाई को संवेदनशील मानते हुए बोली लगाने वाली कंपनियों के लिए कई शर्तें रखी गई हैं। इनमें Integrity Pact, Confidentiality Agreement और No-Agent Pact के साथ यह undertaking भी शामिल है कि भारत में उनके ऑपरेशन चीन और पाकिस्तान में मौजूद उनके ऑपरेशन से पूरी तरह अलग यानी firewalled रहेंगे।
पॉलीमर नोट में जानवरों की चर्बी नहीं होगी
टेंडर प्रक्रिया में एक और अहम शर्त पॉलीमर सब्सट्रेट से जुड़ी है। बोली लगाने वाली कंपनियों को प्रमाणित करना होगा कि BRBNMPL को सप्लाई किए जाने वाले पॉलीमर सब्सट्रेट में जानवरों की चर्बी (animal tallow) या उसका DNA नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, UK जैसे देशों में बैंकनोट में animal tallow को लेकर हुए विवाद भी भारत में पॉलीमर करेंसी लाने को लेकर RBI की हिचकिचाहट के कारणों में बताए जाते हैं।
68 हजार रीम पॉलीमर सब्सट्रेट की जरूरत
BRBNMPL के EOI दस्तावेजों में पॉलीमर सब्सट्रेट की तत्काल जरूरत बताई गई है। इसके तहत भारतीय बैंकनोटों की प्रिंटिंग के लिए करीब 68,000 रीम पॉलीमर सब्सट्रेट की आवश्यकता बताई गई है। प्रत्येक रीम में पॉलीमर फिल्म की 500 शीट होनी चाहिए। कंपनियों को अपनी बोली के साथ सैंपल भी देने होंगे। इन सैंपल की अलग-अलग जलवायु वाले क्षेत्रों में जांच की जाएगी और योग्य पाए जाने वाले बोलीदाताओं को अंतिम BRBNMPL टेंडर के लिए आवेदन करने की अनुमति मिलेगी।
कौन-कौन सी कंपनियां दौड़ में हैं?
पॉलीमर सब्सट्रेट की इस प्रक्रिया में Cosmo First का नाम भी सामने आया है। यह BOPP का बड़ा भारतीय निर्यातक है और De La Rue का प्रमुख सप्लायर बताया गया है। De La Rue के मुताबिक, पॉलीमर बैंकनोट ज्यादा साफ, पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और टिकाऊ विकल्प हो सकते हैं।
फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया टेंडर और सैंपल टेस्टिंग के चरण में है। यानी 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों को लेकर तैयारी आगे बढ़ रही है, लेकिन इन्हें बाजार में जारी करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।