प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रोफाइल तस्वीर बदलकर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और पराक्रम को सम्मान दिया। नई डिस्प्ले पिक्चर में भारतीय तिरंगे के साथ ऑपरेशन सिंदूर का आधिकारिक लोगो दिखाई दे रहा है, जो देश की सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जा रहा है। इस बदलाव के साथ प्रधानमंत्री ने एक भावुक संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में मिली ऐतिहासिक सफलता भारतीय सैनिकों की वीरता, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक भी उद्धृत किया, जिसका अर्थ है कि जिस सेना में उत्साही और साहसी योद्धा होते हैं, उसकी विजय निश्चित होती है। प्रधानमंत्री का यह संदेश देशभर में तेजी से चर्चा का विषय बन गया और लोगों ने इसे सेना के सम्मान में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ अभियान
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत वर्ष 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए बड़े आतंकी हमले के बाद की गई थी। इस हमले में कई निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी, जिसके बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल बन गया। इसके जवाब में भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने एक निर्णायक सैन्य कार्रवाई की योजना तैयार की। 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने संयुक्त अभियान के तहत सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। इस मिशन का उद्देश्य आतंकवादी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करना और भविष्य में होने वाले हमलों को रोकना था। सेना, वायुसेना और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला, जिसने इस अभियान को बेहद सफल बनाया। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह कार्रवाई भारत की आतंकवाद के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति का स्पष्ट संदेश थी।
भारतीय वायुसेना की सटीक कार्रवाई से दहला दुश्मन
ऑपरेशन सिंदूर का सबसे महत्वपूर्ण चरण 6 और 7 मई की मध्यरात्रि को सामने आया, जब भारतीय वायुसेना ने बेहद कम समय में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया गया कि केवल 23 मिनट के भीतर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इन हमलों में लगभग 100 आतंकियों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। भारतीय सेना और वायुसेना ने अत्याधुनिक तकनीक, सटीक मिसाइलों और रियल टाइम इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए इस मिशन को सफल बनाया। इस अभियान की विशेषता यह रही कि कार्रवाई पूरी तरह लक्षित थी और केवल आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया। सैन्य विशेषज्ञों ने इसे भारत की रणनीतिक क्षमता और आधुनिक युद्ध कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। ऑपरेशन के बाद देशभर में सैनिकों के समर्थन में देशभक्ति की भावना और अधिक मजबूत हुई।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और भारत का सख्त जवाब
भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने जवाबी प्रयास करते हुए 8 मई को गुजरात से लेकर कच्छ क्षेत्र तक ड्रोन हमलों की कोशिश की। रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान ने करीब 1,000 ड्रोन भेजकर भारतीय सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय रक्षा प्रणाली ने अधिकतर ड्रोन को समय रहते निष्क्रिय कर दिया। भारतीय सेना की सतर्कता और तकनीकी तैयारी के कारण पाकिस्तान की यह रणनीति विफल साबित हुई। कहा जाता है कि लगातार 88 घंटों तक चले तनाव और भारत की आक्रामक सैन्य बढ़त के बाद पाकिस्तान को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा। इस अभियान ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति को मजबूत किया, बल्कि दुनिया के सामने भारतीय सैन्य शक्ति, रणनीति और नेतृत्व क्षमता का भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया।