ममता बनर्जी की बुलाई बैठक : बैठक में नहीं पहुंचे सभी MLA

ममता बनर्जी की बुलाई बैठक : बैठक में नहीं पहुंचे सभी MLA

पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव के बाद बड़ा सियासी तनाव देखने को मिला है। चुनाव परिणामों में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता स्थित अपने कालीघाट आवास पर नवनिर्वाचित विधायकों की एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में कुल 80 विधायकों को बुलाया गया था, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 71 विधायक ही मौजूद रहे। बाकी विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठे, जिस पर बताया गया कि कुछ विधायक हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में थे, इसलिए उन्हें बैठक में नहीं बुलाया गया।

बैठक में ममता बनर्जी ने पार्टी विधायकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए और आने वाले राजनीतिक हालात को लेकर रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि अब पार्टी को और मजबूत होकर काम करना होगा और किसी भी हाल में पीछे नहीं हटना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के भीतर जो लोग वफादार नहीं हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। ममता बनर्जी ने बैठक में कहा कि विधानसभा के पहले दिन सभी विधायकों को काले कपड़े पहनकर जाना चाहिए, ताकि विरोध और असंतोष का संदेश दिया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी चाहे चुनाव हार गई हो, लेकिन लड़ाई जारी रहेगी और वे हार नहीं मानेंगी।

उन्होंने अपने संबोधन में यह भी दावा किया कि उन्हें “नैतिक रूप से पराजित” नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वह अब खुद को एक “आजाद पंछी” की तरह देखती हैं और जनता के लिए काम करती रहेंगी। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव में कई तरह की अनियमितताएं हुईं और इसके पीछे केंद्र सरकार और कुछ संस्थाओं की भूमिका रही। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को धमकाया गया और कई जगहों पर हिंसा की स्थिति बनी। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों पर भी सवाल उठाए और कहा कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी।

ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि चुनाव के दौरान 1500 से अधिक पार्टी कार्यालयों पर कब्जा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर उनके कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया और उन पर हमले भी हुए। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया और कहा कि यह सामान्य चुनाव नहीं था बल्कि “क्रूरता” जैसा माहौल था। बैठक में उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ और उन्हें शारीरिक रूप से धक्का भी दिया गया, जिससे उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वे पीछे नहीं हटेंगी और पार्टी को मजबूत बनाएंगी।

कुल मिलाकर इस बैठक में ममता बनर्जी ने जहां पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया, वहीं चुनाव प्रक्रिया और विरोधियों पर गंभीर सवाल भी उठाए। अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में आगे क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।