काशी में धनतेरस पर खुलेंगे स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णा के पट

काशी में धनतेरस पर खुलेंगे स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णा के पट
  • छह नवंबर को धनतेरस पर भोर चार बजे खुलेंगे मंदिर के पट
  • अन्नकूट महोत्सव के लिए तैयार हो रहे 150 क्विंटल मिष्ठान-नमकीन
  • माता को 51 क्विंटल खान-पान का भोग लगाया जाएगा
  • 85 कारीगर तैयार कर रहे हैं अलग-अलग तरह के पकवान
  • 10 नवंबर की रात महाआरती के बाद साल भर के लिए बंद होंगे दर्शन

Golden Annapurneshwari Darshan:  काशी में कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी यानी धनतेरस पर छह नवंबर को स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णेश्वरी के दर्शन के लिए मंदिर के पट खुल जाएंगे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को माता के दर्शन और खजाना वितरण का अवसर मिलेगा। दूसरी ओर, 10 नवंबर को होने वाले अन्नकूट महोत्सव की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। माता की रसोई में 85 कारीगर 150 क्विंटल मिष्ठान और नमकीन तैयार करने में जुटे हैं। अन्नकूट पर माता को 51 क्विंटल खान-पान का भोग लगाया जाएगा, जिसे बाद में भक्तों को प्रसाद के रूप में पंगत में बैठाकर परोसा जाएगा।

150 क्विंटल मिष्ठान और नमकीन की तैयारी

मां अन्नपूर्णा की रसोई में कारीगरों का दल तरह-तरह के मिष्ठान और नमकीन बनाने में लगा है। माता को भोग लगाने के लिए बेसन, मैदा, खोवा और चीनी के लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा काजू, बादाम, चिरौंजी, गरी और खोवा सहित सात प्रकार की बर्फियां बनाई जा रही हैं।

मिष्ठान में खुर्मा, बालूशाही, खजूर के गुड़ की जलेबी और गुलाब जामुन समेत कई तरह के पकवान शामिल हैं। वहीं, भोग के लिए 35 प्रकार के नमकीन भी तैयार किए जा रहे हैं। अन्नकूट की भोग-झांकी को सजाने के लिए इन सभी पकवानों को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है।

51 क्विंटल अन्न का लगेगा भोग, पंगत में मिलेगा प्रसाद

अन्नकूट महोत्सव के दिन माता को 51 क्विंटल खान-पान का भोग लगाया जाएगा। इसमें चावल, कढ़ी, खीर, कई तरह की पूड़ियां और पांच प्रकार के पकौड़े शामिल होंगे। मिष्ठान और नमकीन के साथ अन्नकूट के पकवानों से माता की भव्य भोग-झांकी सजाई जाएगी।

भोग के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद पंगत में बैठाकर परोसा जाएगा। इस पूरी तैयारी में कुल 85 कारीगर जुटे हुए हैं। कूटे हुए अन्न से पकवान बनाने में दक्ष वाराणसी के साथ चंदौली, सोनभद्र, मीरजापुर, जौनपुर और आजमगढ़ के कारीगर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

छह नवंबर को भोर चार बजे होगी महाआरती

महंत शंकर पुरी महाराज ने बताया कि छह नवंबर को भोर चार बजे मां का षोडशोपचार पूजन किया जाएगा। इसके बाद महाआरती होगी और मंदिर के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इसी के साथ दर्शन-पूजन और खजाना वितरण शुरू हो जाएगा। अगले चार दिनों तक प्रतिदिन भोर चार बजे से श्रद्धालु स्वर्णमयी माता के दर्शन कर सकेंगे।

10 नवंबर की रात साल भर के लिए बंद होंगे दर्शन

अन्नकूट महोत्सव 10 नवंबर को आयोजित होगा। इस दिन रात 12 बजे महाआरती के बाद स्वर्णमयी माता के दर्शन साल भर के लिए बंद हो जाएंगे। इसके साथ ही धनतेरस से शुरू होने वाले स्वर्णमयी माता के विशेष दर्शन का वार्षिक आयोजन संपन्न हो जाएगा।