अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता है, लेकिन ट्रंप इससे चिंतित नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि कांग्रेस में विपक्ष का दबदबा होने के बावजूद वह अपने एजेंडे पर आगे बढ़ते रहेंगे। इसके लिए जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति के वीटो अधिकार का इस्तेमाल भी करेंगे।
सीबीएस न्यूज को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने अपनी संवैधानिक शक्ति का जिक्र करते हुए कहा, "मेरे पास अंतिम शक्ति है- इसे वीटो कहते हैं।" उनसे सवाल किया गया था कि अगर डेमोक्रेट्स कांग्रेस का नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो वह अपनी सरकार के एजेंडे को किस तरह आगे बढ़ाएंगे। इस पर ट्रंप ने संकेत दिया कि वह डेमोक्रेट्स के विधायी प्रस्तावों को वीटो के जरिए रोक सकते हैं।
क्या है राष्ट्रपति की वीटो पावर?
अमेरिका में राष्ट्रपति को कांग्रेस से पारित विधेयकों पर वीटो लगाने का संवैधानिक अधिकार हासिल है। इसके जरिए राष्ट्रपति किसी विधेयक को कानून बनने से रोक सकते हैं। हालांकि, यह अधिकार पूरी तरह असीमित नहीं है। कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत मिलने पर राष्ट्रपति के वीटो को पलटा जा सकता है।
ट्रंप ने इस अधिकार को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें 'मिस्टर वीटो' कहा जाए तो भी उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। उनके बयान से संकेत मिलता है कि कांग्रेस में डेमोक्रेट्स के बहुमत की स्थिति में वह अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे।
रिपब्लिकन पार्टी की सीटें घटने की आशंका
राजनीतिक विश्लेषकों और चुनावी सर्वेक्षणों में रिपब्लिकन पार्टी को आगामी चुनावों में कुछ सीटों का नुकसान होने की संभावना जताई गई है। अक्टूबर के आखिरी दिनों में CBS News के सर्वेक्षणों ने भी संकेत दिया था कि प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी अपना बहुमत खो सकती है।
हालांकि, ट्रंप ने अपनी पार्टी की चुनावी संभावनाओं को लेकर भरोसा जताया। उनका कहना है कि कांग्रेस में सत्ता का समीकरण उनके पक्ष में रहे या नहीं, वह अगले दो वर्षों तक अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में सक्षम रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ट्रंप को उम्मीद
ट्रंप ने इंटरव्यू में सुप्रीम कोर्ट के 'Trump v. Slaughter' मामले का भी उल्लेख किया। यह मामला फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) की सदस्य रेबेका स्लॉटर को पद से हटाने से संबंधित था।
ट्रंप के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के 6-3 के फैसले ने राष्ट्रपति की कार्यकारी शक्तियों को मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले के बाद संघीय एजेंसियों, बोर्ड और आयोगों पर राष्ट्रपति का नियंत्रण बढ़ा है।
ट्रंप का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से राष्ट्रपति को पहले के मुकाबले अधिक व्यापक अधिकार मिले हैं। इसी आधार पर उन्हें भरोसा है कि कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का बहुमत होने के बावजूद वह अपने प्रशासन की नीतियों को आगे बढ़ा पाएंगे।