उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव के एक बयान ने सियासी बहस शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने साफ कहा है कि वह अगला विधानसभा चुनाव खुद नहीं लड़ेंगे और लोकसभा सदस्य रहते हुए ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके इस ऐलान पर यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने निशाना साधते हुए उन्हें 'रणछोड़' कह दिया। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने भी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पर तीखा पलटवार किया।
पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव को बताया 'रणछोड़'
अखिलेश यादव के चुनाव न लड़ने वाले बयान पर पंकज चौधरी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, 'रणछोड़ अखिलेश, पहले चुनौती दी, अब भाग खड़े हुए। अब क्या सीधे लोकसभा से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे? यह बिल्कुल वैसी ही बात है, जैसे बिना चुनाव के रिजीम चेंज। यही सपाइयों की सच्चाई है। जब सत्ता में थे, तब नोएडा जाने से डरते थे। अब चुनाव लड़ने से डर रहे हैं।'
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने अपने पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के फैसले पर सवाल उठाए और उनके पुराने बयान का भी जिक्र किया।
अखिलेश यादव ने पंकज चौधरी को दिया जवाब
पंकज चौधरी की टिप्पणी पर अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जवाब दिया। उन्होंने लिखा, 'जिनकी खुद की टिकट उनके अपने ही पड़ोसी पक्की नहीं होने दे रहे हैं, वो चुप ही रहें तो ही उनका सम्मान बचा रहेगा। उन्होंने जो टीका-टिप्पणी की है वो भी किसी ‘दुष्मुखी’ के वचनों से प्रेरित लगती है। भगवान कृष्ण के एक अन्य परमार्थी नाम ‘रणछोड़’ को नकारात्मक भाव में प्रयुक्त करके उन्होंने साबित कर दिया है कि उनका ज्ञान कितना सीमित, संकीर्ण व समाज के लिए किस हद तक घातक है।'
अखिलेश ने आगे लोकसभा से सीधे मुख्यमंत्री बनने को लेकर की गई टिप्पणी पर भी पलटवार किया। उन्होंने लिखा, 'रही बात लोकसभा से सीधे मुख्यमंत्री बनने की तो वो यह कहकर किसकी ओर इशारा कर रहे हैं, गोरखपुर वाले इस पुरानी रार-तकरार को समझते हैं। गोरखपुर की जनता को सब दिख रहा है, वो काला चश्मा लगाए नहीं बैठी है। अब दिल्ली-लखनऊ की ही आपसी लड़ाई नहीं, गोरखपुर के अंदर भी भाजपा में वर्चस्व की अंदरूनी लड़ाई ‘लिखा-पढ़ी’ में बाहर आ गई है। नोटिस देने वालों को यूपी का प्रबुद्ध समाज भूला नहीं है।'
उन्होंने अपने पोस्ट में पांच सवाल भी उठाए:
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राज्य का मंत्री बड़ा या केंद्र का?
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प्रदेश का अध्यक्ष बड़ा या देश का?
अखिलेश यादव ने आगे लिखा, 'जिनके नाम का पर्यायवाची ही ‘कमल’ हो, वो ही आपसी लड़ाई में कमल का निशान पाने के लिए तरस जाएंगे, अगर ऐसा नहीं है तो प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते भाजपा का सबसे पहला टिकट वो अपना ही घोषित करें। इति ध्वस्तम्!'
अखिलेश यादव ने बताई 2027 का चुनाव न लड़ने की वजह
दरअसल, मंगलवार को वाराणसी पहुंचे अखिलेश यादव से पत्रकारों ने पूछा था कि क्या वह 2027 में होने वाला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, 'हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब इलेक्शन नहीं लड़ते हैं। इसलिए वही करेंगे जो हमारे लिए शुभ है।'
उन्होंने बताया कि 2012 में भी लोकसभा सदस्य रहते हुए ही मुख्यमंत्री बने थे। अखिलेश के मुताबिक, इस बार भी वह सांसद रहते हुए मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
वाराणसी में जब उनसे पूछा गया कि समाजवादी पार्टी किस सीट से चुनाव लड़ेगी, तो उन्होंने पत्रकार से ही कहा, 'तुम सीट बताओ।'
ओपी राजभर ने भी दी चुनाव लड़ने की चुनौती
अखिलेश यादव के विधानसभा चुनाव न लड़ने के बयान पर मंत्री ओपी राजभर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सपा प्रमुख को चुनौती देते हुए कहा, 'अरे मित्र अखिलेश यादव! सुना है कि आप अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ेंगे। ए महाराज, नेता क्या जो चुनाव से भागे? आइए हो जाए दो-दो हाथ।'