पश्चिम बंगाल की राजनीति उस समय हिल गई जब भाजपा नेता Suvendu Adhikari के निजी सहायक Chandranath Rath की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात ने न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि पिछले कई दिनों से इसकी सुनियोजित साजिश रची जा रही थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि हमलावर लगातार चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और उनकी आवाजाही, रूट और समय की पूरी जानकारी जुटाने के बाद वारदात को अंजाम दिया गया।
बेहद करीब से की गई ताबड़तोड़ फायरिंग
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ अपनी सफेद स्कॉर्पियो एसयूवी से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। जैसे ही उनकी कार मध्यमग्राम के दोहारिया इलाके में पहुंची, हमलावरों ने गाड़ी को घेर लिया और बेहद करीब से गोलियां बरसा दीं। हमला इतना अचानक और सटीक था कि रथ को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गोलियां उनके सीने और पेट में लगीं, जबकि ड्राइवर भी हमले में घायल हो गया। दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार गोलियां उनके दिल को चीरते हुए निकली थीं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पेशेवर शूटरों की तरह अंजाम दी गई हत्या
जांच से जुड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरीके से फायरिंग की गई, उससे साफ संकेत मिलता है कि हमलावर पेशेवर शूटर थे। पुलिस के मुताबिक हमलावरों का निशाना सिर्फ चंद्रनाथ रथ थे। वह ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे थे और गोलियां सीधे उन्हीं पर दागी गईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एसयूवी के फ्रंट ग्लास या गाड़ी की बॉडी पर कोई गोली नहीं लगी, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि शूटरों ने बेहद सटीक निशाना साधा था। ड्राइवर केवल इसलिए घायल हुआ क्योंकि वह रथ के बेहद करीब बैठा था। पुलिस को शक है कि हत्या से पहले कई दिनों तक उनकी रेकी की गई थी और पूरी योजना के तहत सही समय चुनकर हमला किया गया।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया पूरी घटना का डरावना मंजर
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को बताया कि हमला पूरी तरह से प्री-प्लांड लग रहा था। उसके अनुसार चंद्रनाथ रथ की गाड़ी उसकी कार को पार कर आगे निकली थी, तभी अचानक सड़क पर रुक गई। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक कार के बाईं ओर पहुंचा और बेहद करीब से फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक हमलावर किसी प्रशिक्षित शूटर की तरह दिखाई दे रहा था। उसने कुछ ही सेकंड में दो गोलियां चलाईं और तुरंत वहां से फरार हो गया। घटना रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच हुई। राहत की बात यह रही कि अस्पताल घटनास्थल से केवल कुछ सौ मीटर की दूरी पर था, इसलिए स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
हत्या के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच तेज कर दी। जेसोर रोड और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध चार पहिया वाहन बरामद किया, जिसकी नंबर प्लेट संदिग्ध पाई गई। जांच में सामने आया कि वाहन पर लगा नंबर Siliguri में रजिस्टर्ड एक दूसरी कार का है। पुलिस ने जब उस नंबर के असली मालिक विलियम जोसेफ से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उनकी कार उनके घर के गैरेज में सुरक्षित खड़ी है और वह कभी मध्यमग्राम गई ही नहीं। इसके बाद पुलिस को शक हुआ कि हमलावरों ने पहचान छिपाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था।
राजनीतिक दुश्मनी और चुनावी रंजिश की भी जांच
पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कई अलग-अलग एंगल से कर रही है। अधिकारियों को शक है कि हत्या के पीछे केवल आपराधिक कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक रंजिश भी हो सकती है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ी सफलता हासिल की है। पार्टी ने 294 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज की थी। चंद्रनाथ रथ को Suvendu Adhikari का बेहद भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था और उन्होंने नंदीग्राम व भवानीपुर सीटों पर चुनाव प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वह कई लोगों के निशाने पर भी हो सकते थे।
कई राज्यों की सीमाओं पर अलर्ट, पुलिस की जांच जारी
हत्या के बाद पुलिस ने राज्य की सीमाओं से जुड़े कई थानों को अलर्ट कर दिया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी वारदात के बाद झारखंड या बांग्लादेश सीमा की ओर भागने की कोशिश कर सकते हैं। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, बरामद कारतूस और संदिग्ध वाहनों की जांच के जरिए हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पश्चिम बंगाल के डीजीपी Siddhinath Gupta ने भी देर रात अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। अब पूरे राज्य की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस का खुलासा कब तक कर पाती है।