36 प्रतिशत लोगों ने एक वर्ष में बड़े युद्ध की आशंका जताई
AI और उभरती तकनीकों से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ी
जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई न करना अब भी सबसे बड़ा जोखिम
वैश्विक चुनौतियों से निपटने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रभावी माना
UN Global Risk Report: संयुक्त राष्ट्र की 2026 ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट Global Risk Report में बड़े पैमाने पर युद्ध को दुनिया की सबसे बड़ी वैश्विक कमजोरी और उभरते जोखिम के रूप में सामने रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक जोखिम परिदृश्य पहले की तुलना में अधिक जटिल और तेजी से बदलने वाला हो गया है। सर्वेक्षण में शामिल 36 प्रतिशत लोगों ने आशंका जताई कि अगले एक वर्ष में बड़े पैमाने पर युद्ध का जोखिम सामने आ सकता है।
रिपोर्ट में राजनीतिक जोखिमों के वैश्विक जोखिम परिदृश्य के केंद्र में आने की बात कही गई है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI और फ्रंटियर टेक्नोलॉजी से जुड़े जोखिमों को लेकर भी चिंता तेजी से बढ़ी है। खासतौर पर इन तकनीकों के जरिए शक्ति और संसाधनों के अत्यधिक केंद्रीकरण की आशंका को लेकर चिंता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
जलवायु परिवर्तन से निपटने में निष्क्रियता सभी 28 जोखिमों में सबसे महत्वपूर्ण चिंता बनी हुई है। हालांकि, पर्यावरणीय जोखिमों को समग्र श्रेणी के रूप में देखने की प्राथमिकता में मामूली कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 महामारी के छह वर्ष बाद वैश्विक जोखिमों को लेकर प्राथमिकताएं भी बदली हैं। जैविक जोखिम और नई महामारियों से संबंधित जोखिमों की Perceived Importance में अन्य जोखिमों की तुलना में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में वैश्विक जोखिमों से निपटने के लिए सरकारों के बीच संयुक्त कार्रवाई को सबसे प्रभावी उपाय माना गया है। जटिल जोखिमों को बेहतर ढंग से समझने और उनसे निपटने की तैयारी के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 155 देशों के 1,300 हितधारकों के बीच जोखिम धारणा सर्वेक्षण कराया।
रिपोर्ट का व्यापक निष्कर्ष यह है कि बदलते वैश्विक जोखिमों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता बनी हुई है।