AI को लेकर पिचाई ने विज्ञान, जुकरबर्ग ने सुरक्षा पर कही महत्वपूर्ण बात

AI को लेकर पिचाई ने विज्ञान, जुकरबर्ग ने सुरक्षा पर कही महत्वपूर्ण बात

पिचाई ने स्वास्थ्य, मौसम और शिक्षा में AI उपयोग बताया
गूगल ने जीनोम और मौसम संबंधी AI प्रगति साझा की
जुकरबर्ग ने AI मॉडल में अलाइनमेंट को महत्वपूर्ण बताया
मेटा प्रमुख ने स्वतंत्र मूल्यांकन और सुरक्षित विकास पर जोर दिया

Artificial Intelligence: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता AI के विकास और उसके सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर अपने-अपने विचार साझा किए हैं। पिचाई ने जहां AI के जरिए विज्ञान को गति देने और लोगों के जीवन में सुधार लाने के प्रयासों का उल्लेख किया, वहीं जुकरबर्ग ने AI मॉडल और एजेंट के विकास में सुरक्षा, अलाइनमेंट तथा जिम्मेदार उपयोग को महत्वपूर्ण बताया।

पिचाई ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट में बताया कि हाल के दिनों में गूगल ने मानव जीनोम में संभावित एकल-अक्षर आनुवंशिक बदलावों की मैपिंग से लेकर मौसम पूर्वानुमान तक AI के कई अनुप्रयोग सामने रखे हैं। उन्होंने कहा कि AlphaGenome Atlas के जरिए मानव जीनोम में करीब नौ अरब संभावित सिंगल-लेटर जेनेटिक बदलावों को मैप किया गया है और इसे शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने WeatherNext 3 को गूगल का अब तक का सबसे सटीक और सक्षम वैश्विक मौसम AI मॉडल बताया। पिचाई के मुताबिक, एआई के वैश्विक इस्तेमाल को समझने के लिए AI & Economy ATLAS भी ओपन एक्सेस में उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि गूगल की सेवाएं अब करीब 300 भाषाओं में उपलब्ध हैं।

चार क्षेत्रों पर फोकस

पिचाई ने कहा कि गूगल एआई के क्षेत्र में स्वास्थ्य, प्राकृतिक आपदाओं एवं मौसम संबंधी लचीलेपन, सीखने और आर्थिक अवसरों पर विशेष ध्यान दे रहा है।
वहीं जुकरबर्ग ने कहा कि AI की प्रगति के साथ मॉडल का इंसानों के निर्देशों और हितों के अनुरूप होना यानी अलाइनमेंट महत्वपूर्ण होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लैब इस पहलू पर ध्यान नहीं देंगी, वे पीछे रह सकती हैं।

जुकरबर्ग ने स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं और सलाहकारों की भूमिका को उद्योग की अच्छी प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि मेटा ने अपने AI मॉडल के सुरक्षा और सिक्योरिटी पक्ष पर काम करने के लिए Muse की लॉन्चिंग में कई महीने की देरी भी की थी। उन्होंने AI  के सुरक्षित विकास के लिए कंप्यूटिंग संसाधनों का बड़ा हिस्सा लोगों को सेवाएं देने में इस्तेमाल करने की बात कही।