बच्चों के यौन शोषण पर अब भारतीय पुलिस को जानकारी देगा मेटा

बच्चों के यौन शोषण पर अब भारतीय पुलिस को जानकारी देगा मेटा

Child Online Safety: सोशल मीडिया कंपनी मेटा अब भारत में बच्चों के यौन शोषण और उनकी सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी भारतीय कानून लागू करने वाली एजेंसियों को देगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार और मेटा के बीच कई हफ्तों तक चली बातचीत के बाद कंपनी इस व्यवस्था पर सहमत हुई है। अब तक मेटा ऐसे मामलों की रिपोर्ट अमेरिका की संस्था नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) को करता था। 

यह संस्था दूसरे देशों की संबंधित एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करती थी। नई व्यवस्था के तहत मेटा सीधे भारतीय एजेंसियों को भी ऐसे मामलों की जानकारी देगा। सरकार ने साफ किया है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला बच्चों को इंटरनेट पर सुरक्षित रखने की दिशा में पहला कदम है। सरकार दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट की पहचान और उसे हटाने को लेकर बातचीत कर रही है।

यह कदम उस समय सामने आया है जब इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों की रिपोर्ट सामने आई थी। जुलाई में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस मामले में मेटा के अधिकारियों को तलब किया था। 

10 महीनों में 332 आपत्तिजनक विज्ञापन
एक जांच में करीब 10 महीनों के दौरान ऐसे 332 विज्ञापनों की पहचान की गई थी, जिनमें 84 भारत में दिखाए गए थे। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेकर मेटा से जवाब मांगा था। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली पुलिस को आरोपों की जांच करने और यह पता लगाने का निर्देश दिया था कि संबंधित कंपनियों ने बच्चों की सुरक्षा और कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियां पूरी की हैं या नहीं।