राष्ट्रपति ने कहा, कई लोक कलाओं पर खत्म होने का संकट

राष्ट्रपति ने कहा, कई लोक कलाओं पर खत्म होने का संकट
  • 2024 और 2025 के संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप और अकादमी पुरस्कार वितरण समारोह

Sangrre Natak Academy Awards: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि आज के तेजी से बदलते दौर में बहुत सी लोक-कलाओं पर विलुप्त होने का संकट मंडरा रहा है। ऐसी कला विधाओं का न केवल साक्ष्‍य और प्रमाण रखना जरूरी है बल्कि उन्हें जीवंत रखने के लिए विशेष प्रयास जरूरी हो जाते हैं।

राष्ट्रपति गुरुवार 13 अगस्त, 2026 नई दिल्ली में प्रतिष्ठित कलाकारों को वर्ष 2024 और 2025 के लिए संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि संगीत नाटक अकादमी को भारत की सॉफ्ट पावर का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अकादमी आने वाले समय में भी भारत की सांस्कृतिक ऊर्जा से समूचे विश्व को लाभान्वित करती रहेगी।

अपने संबोधन में, राष्ट्रपति ने कहा कि सम्मानित किए गए कलाकार मिलकर भारत का एक ऐसा सांस्कृतिक मानचित्र प्रस्तुत करते हैं—जिसमें इस देश की मिट्टी की कथाएं और गीत जुड़े हैं; ऐसा मानचित्र जिसमें विविधता से भरी इस धरती के नृत्य और उत्सव समाए हैं और सदियों से विकसित हुई इसकी भाषाओं और बोलियों की यादें समाई हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की सभी विभिन्न कला शैलियों में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हमारी कलाओं की सबसे महत्वपूर्ण पुस्तक जीवंत गुरु ही होते हैं।