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छात्र प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग पर चर्चा की गृहमंत्री की पेशकश विपक्ष ने ठुकराई
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संसद की कार्यवाही को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच का गतिरोध बुधवार को भी खत्म नहीं हो सका। हालांकि इस गतिरोध को तोड़ने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने पहल करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर हर चर्चाहै और हर सवाल का उत्तर देने को तैयार है।
विपक्ष ने हालांकि गृह मंत्री के पहल को एक तरह से यह माँग करते हुए ठुकरा दिया कि वह शाह का भाषण सुनने को तैयार नहीं है।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि उनकी रुचि अमित शाह के लेक्चर में नहीं है बल्कि वह इस बात का जवाब चाहते हैं कि छात्रों पर गोली और लाठी चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने अपनी माँग दोहराते हुए कहा कि अगर ये आदेश गृह मंत्रालय का है तो शाह ज़िम्मेदार हैं और अगर गृह मंत्री को इस आदेश के बारे में नहीं पता है तो भी ज़िम्मेदार हैं। दोनों ही स्थितियों में उन्हें पद छोड़ना चाहिए।
दूसरी तरफ़ गृह मंत्री ने मीडिया के सामने अपनी बात रखने के बाद लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखा जिसे बीजेपी और उसके नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस पत्र में कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार की ओर से संसद में NEET परीक्षा पर छात्र आंदोलन पर चर्चा की सहमति दी है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि वह विपक्ष से चर्चा कर उचित समय निर्धारित करें ।
गृह मंत्री ने इस पत्र में कहा, ‘मैं निर्धारित समय के दौरान सदन में उपस्थित रहकर , इस मुद्दे पर चर्चा में भाग लेना चाहता हूं और विपक्ष के सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार हूं।’
सत्ता पक्ष की पेशकश को काँग्रेस नेता राहुल गांधी ने यह कहते हुए ठुकरा दिया ‘अमित शाह की इमेज का गुब्बारा फट चुका है, उससे हवा निकल चुकी है। अब जबरन उसमें हवा भरने की कोशिश की जा रही है। ‘
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था और उसी दिन से मुख्यतः: NEET पेपर लीक, प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग और अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष हमलावर है। अब जब संसद के मौजूदा सत्र का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अंतिम दौर में है ऐसे में आखिरी क्षण में दोनों पक्ष कितना सहमत होंगे कहा नहीं जा सकता।