'मरने के बाद कोई फरिश्ता नहीं बन जाता'- तनुश्री दत्ता

'मरने के बाद कोई फरिश्ता नहीं बन जाता'- तनुश्री दत्ता
हाइलाइट्स
• नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री दत्ता की पोस्ट पर विवाद
• अभिनेत्री ने पुराने आरोपों से जुड़ी पोस्ट दोबारा साझा की
• 2018 के मीटू आंदोलन में तनुश्री ने लगाए थे आरोप, नाना ने किया था इनकार
• सोशल मीडिया पर कुछ ने आलोचना की, तो कुछ ने कथित पीड़ितों के अनुभवों पर चर्चा का समर्थन किया

नाना पाटेकर के निधन के बाद अभिनेत्री तनुश्री दत्ता की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है। 8 अक्टूबर को 75 साल की उम्र में अभिनेता के निधन की खबर सामने आने के बाद तनुश्री ने एक पोस्ट में लिखा कि बुराई खत्म हो गई है। इसके बाद उन्होंने अपने पुराने आरोपों से जुड़े मुद्दे पर भी पोस्ट साझा की। इन टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

जहां कई यूजर्स ने अभिनेता के निधन के बाद इस तरह की टिप्पणी करने पर आपत्ति जताई, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु से कथित दुर्व्यवहार के अनुभवों पर चर्चा का अधिकार खत्म नहीं हो जाता। इस तरह तनुश्री के बयान पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है।

नाना पाटेकर के निधन वाले दिन तनुश्री ने क्या कहा था?

नाना पाटेकर के निधन के दिन तनुश्री दत्ता लखनऊ में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। उन्होंने फ्लाइट में सवार होने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें अभिनेता के निधन की खबर मिल गई है, लेकिन उस दिन उनका काम पहले से तय था। उन्होंने कहा था कि वह फिलहाल अपने कार्यक्रम पर ध्यान देना चाहती हैं और बाद में सोचकर प्रतिक्रिया देंगी।

इसके बाद तनुश्री ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, 'यह तो हैरान करने वाला है! आज मेरी स्टोरी टाइमलाइन पर जबरदस्त प्रतिक्रिया आ रही है। बुराई खत्म हो गई है और उम्मीद है कि अब मेरी जिंदगी बेहतर दिशा में आगे बढ़ेगी।'

इस पोस्ट में उन्होंने नाना पाटेकर का नाम नहीं लिया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर उनके बयान को अभिनेता के निधन से जोड़कर देखा गया और इस पर विवाद शुरू हो गया।

पुराने आरोपों से जुड़ी पोस्ट साझा कर फिर चर्चा में आईं अभिनेत्री

तनुश्री ने इसके बाद एक ऐसी पोस्ट दोबारा साझा की, जिसमें सवाल उठाया गया था कि किसी व्यक्ति की मौत के बाद क्या उसके कथित दुर्व्यवहार का असर खत्म हो जाता है। पोस्ट में यह बात कही गई थी कि किसी के दुनिया से चले जाने से दूसरे लोगों को पहुंची तकलीफ अपने आप नहीं मिट जाती।

अभिनेत्री ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें नाना पाटेकर को 'लीजेंड' कहने वालों की आलोचना की गई थी और उनके खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों का जिक्र किया गया था।

इन पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई। कई यूजर्स ने अभिनेत्री की टिप्पणियों को अनुचित बताया और उन्हें पुराने विवाद से आगे बढ़ने की सलाह दी। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि किसी के निधन के बाद उसके बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना कितना उचित है।

वहीं, कुछ यूजर्स का मानना है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी कथित उत्पीड़न से जुड़े अनुभवों पर बात करने का अधिकार खत्म नहीं हो जाता। इस मामले में सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।

तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच क्या था विवाद?

तनुश्री दत्ता ने साल 2018 में मीटू आंदोलन के दौरान नाना पाटेकर पर आरोप लगाए थे। अभिनेत्री का कहना था कि साल 2009 में फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज' की शूटिंग के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया था।

तनुश्री के मुताबिक, फिल्म के एक गाने की शूटिंग के दौरान उन्होंने ऐसे अंतरंग डांस स्टेप का विरोध किया था, जो उनके अनुसार पहले से तय नहीं था। इसके बाद अभिनेत्री ने नाना पाटेकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अभिनेता ने इन आरोपों से इनकार किया था।

इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन 2019 में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण केस बंद कर दिया गया। इसके बाद वर्ष 2025 में मुंबई की अंधेरी मजिस्ट्रेट अदालत ने भी कानूनी समय-सीमा से जुड़ी वजहों के चलते आपराधिक कार्यवाही खारिज कर दी थी।

निधन के बाद बयान को लेकर क्यों बंटी लोगों की राय?

तनुश्री दत्ता की पोस्ट पर उठी बहस में दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं। कुछ लोग नाना पाटेकर के निधन के बाद की गई टिप्पणियों को असंवेदनशील मान रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ लोगों का कहना है कि मृत्यु के बाद भी किसी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और कथित पीड़ितों के अनुभवों पर चर्चा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती।

इस तरह विवाद केवल तनुश्री के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी सामने आया है कि किसी विवाद से जुड़े व्यक्ति के निधन के बाद उसके अतीत और उससे जुड़े आरोपों पर किस तरह चर्चा की जानी चाहिए।
tanushree nana patekar