दिल्ली में CJP प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित, CTI ने जताया 2000 करोड़ के नुकसान का अनुमान

दिल्ली में CJP प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित, CTI ने जताया 2000 करोड़ के नुकसान का अनुमान
हाइलाइट्स
• दिल्ली में CJP प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित होने की आशंका
• CTI ने करीब 2,000 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर का अनुमान जताया
• सदर बाजार, चांदनी चौक और कनॉट प्लेस समेत कई बाजार प्रभावित
• CTI ने नवरात्रि और रामलीला के दौरान प्रमुख इलाकों में प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच ट्रैफिक जाम और बाजारों में बंदी जैसे हालात ने व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। व्यापारियों और उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस स्थिति के कारण दिल्ली में करीब 2000 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ने का अनुमान जताया है। प्रदर्शन के दौरान कई इलाकों में दुकानें बंद रहने और आवाजाही प्रभावित होने से व्यापारियों के साथ आम लोगों को भी परेशानी हो रही है।

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, प्रदर्शन की वजह से अकेले दिल्ली में लगभग 2000 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि और रामलीलाओं से ठीक एक दिन पहले राजधानी में हालात गंभीर हो गए हैं। उनके अनुसार, स्थिति लॉकडाउन जैसी बन गई है और कारोबार पर व्यापक असर पड़ रहा है।

दिल्ली के प्रमुख बाजारों में कारोबार प्रभावित

प्रदर्शन के बीच दिल्ली के कई बड़े बाजारों में बंदी जैसे हालात होने की जानकारी सामने आई है। सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट और भागीरथ प्लेस जैसे प्रमुख कारोबारी इलाकों में व्यापार प्रभावित हुआ है।

CTI के मुताबिक, सड़कों पर जाम और आवाजाही में परेशानी के कारण व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। त्योहारी सीजन से पहले बाजारों में ग्राहकों की कमी कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

बाहर से आने वाले खरीदार भी दिल्ली नहीं पहुंच पाए

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार, खरीदारी के लिए हर दिन 3-4 लाख लोग दूसरे इलाकों से दिल्ली आते हैं। प्रदर्शन के चलते बने हालात में ये खरीदार दिल्ली नहीं पहुंच पाए। वहीं, जाम और परेशानी की आशंका के कारण स्थानीय ग्राहक भी खरीदारी के लिए घरों से बाहर नहीं निकले।

मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से भी आवाजाही प्रभावित हुई। CTI के मुताबिक, ज्यादातर प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद होने के कारण दिल्ली में लोगों की आवाजाही बहुत कम रही।

इसका असर केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहा। संगठन के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर भीड़ नहीं दिखी और होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर तथा सैलून में बुकिंग भी प्रभावित हुई। इस तरह बाजारों के साथ सर्विस सेक्टर पर भी दबाव पड़ा।

त्योहारी सीजन में प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग

CTI महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने दिल्ली के मुख्य कारोबारी क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि 11 अक्टूबर से नवरात्रि और रामलीलाएं शुरू हो रही हैं, ऐसे में बाजारों में कारोबार के लिए अनुकूल माहौल जरूरी है।

दोनों पदाधिकारियों ने भविष्य में प्रदर्शनों के लिए बाहरी दिल्ली में स्थायी प्रदर्शन क्षेत्र बनाने का सुझाव भी दिया। उनके मुताबिक, इससे राजधानी के कारोबार को बार-बार होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।

प्रदर्शन की अनुमति को लेकर क्या है मामला?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन की अनुमति का मामला अभी अदालत में लंबित है। इस संबंध में अदालत का फैसला आना बाकी है। इसी बीच CJP ने प्रदर्शन का ऐलान किया, जबकि सरकार ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया।

इसके बाद दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। इस घटनाक्रम के बीच ट्रैफिक और कारोबार प्रभावित होने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

फिलहाल, CTI ने प्रदर्शन के कारण दिल्ली में करीब 2000 करोड़ रुपये के व्यापार पर असर पड़ने का अनुमान जताया है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले बाजारों और सर्विस सेक्टर में गतिविधियां प्रभावित होने से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।