पश्चिम बंगाल नतीजों के बाद अखिलेश यादव ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता में उनके घर कालीघाट आवास पर पहुंचे। उन्होंने तृणमूल नेता को साड़ी तोहफे में दी और कहा आप हारे नहीं हो, बिल्कुल हारे नहीं हो।
ममता बनर्जी से गुरुवार को मुलाक़ात के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा,"भारतीय जनता पार्टी की आंखों में दीदी खटकती हैं इसलिए क्योंकि वह आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती है। भारती जनता पार्टी सामंती सोच की है इनके संगी साथी लोग पुरुषवादी लोग हैं, यह लोग नारी को बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते हैं।"
इस मुलाक़ात के दौरान ममता के साथ उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी भी मौजूद थे जिनसे अखिलेश ने कहा आप बहुत अच्छा लड़े।
सपा नेता ने कहा, “यहां पर मतदान हुआ जरूर है लेकिन लोगों ने दबाव में मतदान किया है। इतनी नफरत भरी नकारात्मक राजनीत भारतीय जनता पार्टी बंगाल में करेगी ये किसी ने सोचा नहीं था।"
उन्होने कहा, ”जब उत्तर प्रदेश में बाय इलेक्शन हुआ था तो फोर्सज को लगाकर लोगों का वोट रोका गया था। बंगाल में डेमोक्रेसी को डिस्ट्रॉय करने का रास्ता निकाला है।"
अखिलेश यादव पहले 5 मई को कोलकाता जाने वाले थे, लेकिन उस समय ममता बनर्जी ने उन्हें आने से मना कर दिया था। इससे पहले भी अखिलेश जनवरी में कोलकाता गए थे। लेकिन, विधानसभा चुनाव के दौरान वे प्रचार के लिए बंगाल नहीं पहुंचे थे।
INDIA गठबंधन के दो बड़े नेताओं की इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सपा और TMC के बीच राजनीतिक तालमेल को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
2026 के बंगाल चुनाव का सीधा असर उत्तर प्रदेश के सियासी समीकरणों पर पड़ना तय है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के अभेद्य दुर्ग को ढहाने के बाद 'भगवा' खेमे में जो उत्साह है, उसकी गूंज अब लखनऊ के सियासी गलियारों तक भी सुनाई दे रही है।