पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों के चुनाव नतीजों का असर अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी दिखाई देने लगा है। अखिलेश यादव अब हिंदू वोट बैंक को साधने की रणनीति पर काम करते नजर आ रहे हैं। शनिवार को महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने क्षत्रिय समाज को सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की बात कही। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है तो क्षत्रिय समाज को उचित स्थान दिया जाएगा और टिकट वितरण में भी पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, इस दौरान राज्यसभा में सपा सांसद रामजी लाल सुमन के उस बयान की भी चर्चा तेज रही, जिसमें उन्होंने महाराणा प्रताप को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान का करणी सेना ने जोरदार विरोध किया था।
ब्राह्मण और क्षत्रिय वोटरों को साधने की कोशिश
बंगाल चुनाव परिणाम के बाद अखिलेश यादव के राजनीतिक रुख में बदलाव देखने को मिल रहा है। इससे पहले उन्होंने ब्राह्मण मतदाताओं को लेकर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि एक पंडित ने वर्ष 2012 में सरकार बनाने में मदद की थी और अब भी उनके सुझावों का पालन किया जाएगा। राजनीतिक जानकार इसे ब्राह्मण वोटरों को अपने पक्ष में करने की कोशिश मान रहे हैं। अब महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर उन्होंने क्षत्रिय समाज के लिए भी समाजवादी पार्टी के दरवाजे खुले होने का संदेश दिया है।
बीजेपी पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने शुरुआत में खुद को समाजवादी विचारधारा वाला दल बताया था, लेकिन बाद में वह पूंजीवादी और कम्युनिस्ट सोच वाली पार्टी साबित हुई। उन्होंने महंगाई, गैस सिलेंडर और डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि ऑयल कंपनियों के घाटे की भरपाई जनता से की जा रही है।
स्मार्ट मीटर और ईवीएम पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में उत्तर प्रदेश में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण के क्षेत्र में बड़े काम हुए थे। उन्होंने स्मार्ट मीटर को हैक किए जाने की आशंका जताई और सवाल उठाया कि यदि स्मार्ट मीटर रिमोट से प्रभावित हो सकते हैं तो ईवीएम पर सवाल क्यों नहीं उठ सकते। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई। इसके साथ ही उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
किसानों और कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
अखिलेश यादव ने किसानों से कहा कि यदि उन्हें कम मुआवजा मिल रहा है तो वे कानूनी मदद लें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार बनने पर बाजार दर के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्देश के बिना किसी के कार्यालय पर न जाएं। रिश्वतखोरी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए।
चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट नाम आने और तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर गंभीर चिंताएं हैं।