यूपी में माफिया की जगह मिट्टी में, कब्जाई जमीनों पर गरीबों के लिए बनेंगी हवेलियां: योगी

यूपी में माफिया की जगह मिट्टी में, कब्जाई जमीनों पर गरीबों के लिए बनेंगी हवेलियां: योगी
  • कब्जाई जमीनों पर गरीबों और वंचितों के लिए बनेंगी इमारतें
  • स्वच्छता मित्रों को बताया समाज की नींव का पत्थर
  • सफाई कर्मियों का न्यूनतम मानदेय 16 हजार रुपये बताया
  • मानदेय काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
  • नागरिकों से सरकारी निर्माण और पर्यावरण संरक्षण की अपील

Yogi Adityanath Varanasi Swachhta Mitra: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में माफिया की कब्जाई गई जमीनों को मुक्त कराकर गरीबों, दलितों और वंचितों के लिए आवास बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े निर्माण करा सकती है, लेकिन उनकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी जागरूक समाज और जनता की है। यदि नागरिक अपने दायित्वों के प्रति सजग नहीं होंगे तो बड़े से बड़े निर्माण भी नष्ट हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री गुरुवार को वाराणसी में कबीरचौरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम और जल निगम के स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया, उन पर पुष्पवर्षा की और उन्हें भोजन भी परोसा।

स्वच्छता कर्मी समाज की नींव

सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छता मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ काशी’ मिशन को धरातल पर उतार रहे हैं। वे सर्दी, गर्मी, बरसात और त्योहारों में भी सड़कों पर उतरकर लोगों को स्वच्छ वातावरण देते हैं। स्वच्छता कर्मी नींव के पत्थर की तरह हैं, जो दिखाई भले नहीं देते, लेकिन उनके श्रम से समाज की व्यवस्था मजबूत होती है।

उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छता कर्मियों के योगदान से आयोजन स्वच्छ और भव्य बन सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने सफाई कर्मियों के काम को सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मानदेय काटने वालों पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वच्छता कर्मियों के मानदेय की गारंटी देने का निर्णय लिया है। उनके मुताबिक, न्यूनतम मानदेय 16 हजार रुपये होना चाहिए। कर्मचारियों को ईएसआई के तहत इलाज की सुविधा, सुरक्षा बीमा और भविष्य निधि (पीएफ) का लाभ भी मिलना चाहिए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े और सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों के पास अपनी बचत हो। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

काशी के बदलाव और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी की तस्वीर बदली है। उन्होंने दावा किया कि पहले शहर में गंदगी, जाम और बिजली की समस्याएं थीं, जबकि अब काशी अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ रही है।

उन्होंने विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 19 जुलाई से 2 अक्टूबर तक चले 76 दिवसीय वार्ड प्रवास एवं स्वच्छता अभियान की सराहना की। कहा कि जनप्रतिनिधियों को लोगों के बीच रहकर जरूरतमंदों तक आवास, आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य शिविर और पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से सरकारी निर्माण की सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी की अपील भी की।

संवाद से होगा समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं का समाधान संवाद से निकलता है। नगर निगम, विकास प्राधिकरण और प्रशासन के विभागों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।