हाइलाइट्स
• अंकिता केस में राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी
• दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग
• राहुल ने उठाया VIP की पहचान का सवाल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल का पदभार न संभालने दिया जाए।
राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि अंकिता के परिवार सहित कई लोग दुष्यंत गौतम को इस मामले से जुड़ा मानते हैं। उन्होंने नियुक्ति पर हैरानी जताते हुए मामले में वीआईपी की पहचान और सीबीआई जांच की गति को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
चार साल बाद भी क्यों उठ रहा है वीआईपी की पहचान का सवाल?
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा एक अहम सवाल चार साल बाद भी अनुत्तरित है—आखिर वीआईपी कौन थे? उन्होंने बताया कि इस साल जनवरी में उत्तराखंड में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
राहुल गांधी के मुताबिक, वीआईपी की पहचान करने के लिए सीबीआई की जांच अब भी जारी है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत धीमी है। उन्होंने इसी जांच का हवाला देते हुए दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर आपत्ति जताई है।
राज्यपाल पद और सीबीआई जांच को लेकर राहुल गांधी की चिंता
राहुल गांधी ने पत्र में राज्यपाल की संवैधानिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल किसी राज्य की सरकार के संवैधानिक प्रमुख होते हैं, जैसे राष्ट्रपति केंद्र सरकार के संवैधानिक प्रमुख हैं।
उन्होंने चिंता जताई कि राज्यपाल पद पर रहते हुए दुष्यंत गौतम के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती और न ही उसे जारी रखा जा सकता है। राहुल गांधी का तर्क है कि ऐसी स्थिति में सीबीआई जांच के अभियोजन तक पहुंचने में मुश्किल आ सकती है।
उन्होंने पत्र में कहा कि जिस जांच का परिणाम अभियोजन तक न पहुंच सके, वह केवल नाम की जांच बनकर रह जाती है।
राष्ट्रपति से नियुक्ति पर पुनर्विचार कराने की अपील
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सरकार को दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर दोबारा विचार करने की सलाह देने की अपील की है। उन्होंने पत्र में बताया कि राज्यपालों की नियुक्ति प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर होती है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महिलाओं की सुरक्षा की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 74(1) का हवाला देते हुए लिखा कि राष्ट्रपति सरकार को अपनी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकती हैं।
पत्र के अंत में राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता को न्याय दिलाने और राज्यपाल पद की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड का वीआईपी एंगल?
अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। उस समय उनकी उम्र 19 साल थी।
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा कि रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने अंकिता पर वीआईपी मेहमानों को 'विशेष सेवाएं' देने का दबाव बनाया था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था। राहुल गांधी के मुताबिक, इसके बाद पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों ने अंकिता की हत्या कर दी।
इस मामले में तीनों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में वीआईपी की पहचान से जुड़े सवाल और जारी सीबीआई जांच का उल्लेख करते हुए दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की है।