वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर शुरू

वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर शुरू
  • वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होगी ट्रेन
  • सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी वंदे भारत
  • प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़ और गाजियाबाद में ठहराव
  • सप्ताह में छह दिन होगा ट्रेन का संचालन

Varanasi Delhi Vande Bharat Sleeper Express: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ने के लिए वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बनारस-प्रयागराज रामबाग और बनारस सिटी-राजातालाब के बीच मेमू ट्रेन सेवाओं का भी शुभारंभ किया गया।

नई वंदे भारत स्लीपर सेवा से वाराणसी और दिल्ली के बीच रात्रिकालीन रेल संपर्क मजबूत होगा। यात्रियों को लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए आधुनिक और आरामदायक विकल्प मिलेगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है। वाराणसी को एक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के साथ 10 मेमू सेवाओं की सौगात दी जा रही है।

रात में सफर, सुबह दिल्ली पहुंचेंगे यात्री

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर चलेगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी। इस तरह दोनों दिशाओं में यात्रियों को रात में सफर करके अगली सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।

यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार को नहीं चलेगी, जबकि नई दिल्ली से चलने वाली ट्रेन शनिवार को संचालित नहीं होगी। ट्रेन वाराणसी से प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इस मार्ग से इन प्रमुख शहरों के साथ आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

धार्मिक और व्यावसायिक यात्रियों को मिलेगी सुविधा

वाराणसी में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं, देशी-विदेशी पर्यटकों, विद्यार्थियों, कारोबारियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों का आवागमन होता है। नई दिल्ली के साथ बेहतर रात्रिकालीन रेल संपर्क होने से धार्मिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। रात में यात्रा कर सुबह दिल्ली पहुंचने की व्यवस्था से यात्रियों को अपने समय का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिलेगा।

केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों के साथ लोको पायलट और अन्य रेल कर्मचारियों की सुविधाओं तथा सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से ट्रेन का किराया भी किफायती रखा गया है।

मेमू सेवाओं से स्थानीय यात्रियों को लाभ

वंदे भारत स्लीपर के साथ वाराणसी क्षेत्र में मेमू सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। बनारस-प्रयागराज रामबाग और बनारस सिटी-राजातालाब के बीच शुरू हुई सेवाओं से कम दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, इन सेवाओं का लाभ दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों को मिलेगा।

विद्यार्थियों के लिए मासिक सीजन टिकट यानी एमएसटी की दरें भी निर्धारित की गई हैं। वाराणसी क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए एमएसटी 95 रुपये और वाराणसी से प्रयागराज के लिए 220 रुपये रखी गई है। इससे नियमित रूप से यात्रा करने वाले विद्यार्थियों को कम खर्च में आवागमन का विकल्प मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर कम दूरी की यात्रा को सुगम बनाने के लिए मेमू सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। वाराणसी शहर के विभिन्न क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के साथ बनारस और प्रयागराज के बीच भी रेल संपर्क बेहतर बनाया जा रहा है।