नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर मुहर, दिल्ली से बनारस सिर्फ 3 घंटे 33 मिनट में

नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर मुहर, दिल्ली से बनारस सिर्फ  3 घंटे 33 मिनट में
  • नॉर्थ कॉरिडोर में कई प्रमुख शहर होंगे शामिल
  • दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट में
  • दिल्ली से लखनऊ पहुंचने में लगेंगे 2 घंटे 12 मिनट
  • वाराणसी से पटना की यात्रा करीब एक घंटे में
  • मेक इन इंडिया की भावना से विकसित होगी परियोजना

North Bullet Train Corridor India: देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में प्रस्तावित नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के जरिए उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों को जोड़ने की योजना है। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस कॉरिडोर के तहत दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, पटना और गुवाहाटी जैसे शहरों को जोड़ने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसकी मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित हाईस्पीड रेल सेवा से इन शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सकेगा।

केंद्रीय मंत्री ने वाराणसी में वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को रवाना किए जाने के अवसर पर इस परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। प्रस्तावित नॉर्थ कॉरिडोर आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी सौगात साबित होगा। इस परियोजना में मेक इन इंडिया की भावना को प्राथमिकता दी जाएगी।

दिल्ली से आगरा की दूरी 59 मिनट में तय होगी

अश्विनी वैष्णव ने प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए अलग-अलग शहरों के बीच यात्रा के अनुमानित समय का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली से आगरा की दूरी लगभग 59 मिनट में तय की जा सकेगी। दिल्ली से कानपुर पहुंचने में करीब एक घंटा 45 मिनट लगेंगे। वहीं, दिल्ली से लखनऊ की यात्रा लगभग दो घंटे 12 मिनट में पूरी हो सकेगी।

मंत्री के मुताबिक, वाराणसी से लखनऊ के बीच यात्रा का प्रस्तावित समय एक घंटा 21 मिनट रखा गया है। वाराणसी से पटना की दूरी लगभग एक घंटे में और वाराणसी से दिल्ली की यात्रा करीब तीन घंटे 33 मिनट में पूरी की जा सकेगी। ये प्रस्तावित समय हाईस्पीड रेल नेटवर्क के जरिए प्रमुख शहरों के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने की योजना को दर्शाते हैं।

उत्तर भारत के शहरों को जोड़ने की योजना

प्रस्तावित नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में शामिल शहर देश के अलग-अलग हिस्सों के प्रमुख आर्थिक, प्रशासनिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र हैं। दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी है, जबकि आगरा पर्यटन, कानपुर औद्योगिक गतिविधियों और लखनऊ प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वाराणसी प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। पटना और गुवाहाटी भी पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत के महत्वपूर्ण शहर हैं।

इन शहरों को हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना से लंबी दूरी की यात्रा के समय में कमी आने की उम्मीद है। खासतौर पर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच तेज रेल संपर्क बनने से यात्रियों को आवागमन का नया विकल्प मिल सकता है। वाराणसी से लखनऊ, पटना और दिल्ली के लिए बताए गए प्रस्तावित यात्रा समय से इस कॉरिडोर के संभावित लाभ का अंदाजा लगाया जा सकता है।

मेक इन इंडिया को मिलेगी प्राथमिकता

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना में मेक इन इंडिया की भावना को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने इसे देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी सौगात बताया। उनका कहना था कि हाईस्पीड रेल नेटवर्क का विस्तार भारत में आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री ने उत्तर प्रदेश में रेलवे के बजट में हुई वृद्धि और राज्य में रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में रेलवे की क्षमता बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

परियोजना से यात्रा के समय में आएगी कमी

हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का प्रमुख उद्देश्य बड़े शहरों के बीच यात्रा को कम समय में पूरा करना है। प्रस्तावित समय के अनुसार दिल्ली से आगरा, कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो सकता है। इसी तरह वाराणसी से लखनऊ, पटना और दिल्ली तक तेज संपर्क विकसित होने की संभावना है।