UPI Payments: वित्त मंत्रालय ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और छोटे लेनदेन को शुल्क से बचाने के लिए महत्वपूर्ण फैसला किया है। मंत्रालय ने 14 सितंबर को अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया कि बैंक और भुगतान सेवा प्रदाता दो हजार रुपये तक के UPI लेनदेन तथा RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले भुगतान पर कोई शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। यह व्यवस्था भुगतान करने वाले और राशि प्राप्त करने वाले, दोनों को शुल्क से सुरक्षा देती है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब UPI के बुनियादी ढांचे की लागत को लेकर चर्चा तेज है। नीति आयोग के अशोक लाहिड़ी ने भी UPI व्यवस्था की लागत का मुद्दा उठाया था। वहीं, शुल्क लगाए जाने की आशंका को लेकर लोगों में नकद भुगतान को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति बढ़ने की चिंता जताई गई थी।
सरकार के फैसले से छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI हस्तांतरण पहले की तरह नि:शुल्क रहेंगे। हालांकि, भविष्य में बड़े मूल्य के व्यापारिक लेनदेन पर कारोबारियों से 0.3 से 0.5 प्रतिशत तक शुल्क लेने की व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है। इससे डिजिटल भुगतान की पहुंच और व्यवस्था की आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश होगी।