Ram Mandir CEO Selection Controversy: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी CEO के चयन को लेकर मीडिया में प्रसारित कुछ सूचनाओं को गलत बताते हुए चयन प्रक्रिया से जुड़े तथ्य सार्वजनिक किए हैं। न्यास के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार दस्तावेजीकृत तरीके से पूरी की गई।
5,585 आवेदनों की हुई स्क्रीनिंग
न्यास के अनुसार, सीईओ के चयन के लिए छह जुलाई 2026 को खोज समिति गठित की गई थी। समिति को कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए। दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में एआई स्क्रीनिंग के साथ मैनुअल विशेषज्ञ मूल्यांकन के जरिए बहुस्तरीय प्रक्रिया अपनाई गई। इसके बाद 16 प्रत्याशियों को अंतिम साक्षात्कार के लिए चुना गया।
16 प्रत्याशियों का अयोध्या में साक्षात्कार
न्यास ने बताया कि सभी 16 अंतिमवर्तीयों ने 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में आमने-सामने की बातचीत में हिस्सा लिया। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने भी 11 अगस्त को पहली पाली में साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग लिया था। न्यास ने इस संबंध में प्रसारित उस दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है, जिसमें कहा गया था कि मिश्र साक्षात्कार के दौर में शामिल नहीं हुए थे।
शीर्ष तीन नामों में जितेंद्र मिश्र
खोज समिति ने एक सितंबर को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें न्यास को सौंप दीं। इसके अगले दिन, दो सितंबर को अनुशंसित शीर्ष तीन प्रत्याशियों के नाम मीडिया के समक्ष रखे गए। इनमें एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, संजय प्रतापसिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज शामिल हैं। न्यास ने कहा कि शीर्ष तीन में जितेंद्र मिश्र का शामिल होना उनकी साक्षात्कार में भागीदारी, मूल्यांकन और योग्यता आधारित चयन का दस्तावेजीकृत प्रमाण है।
न्यास ने चयन प्रक्रिया को संस्थागत शासन और पारदर्शिता के मानकों के अनुरूप बताते हुए कहा कि प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड रखा गया है। साथ ही, चयन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी जांच के लिए तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।