हाइलाइट्स
• उज्जैन में रावण दहन पर विवाद, 4 समितियों को कानूनी नोटिस
• ब्राह्मण समाज ने 7 दिन में शास्त्रों के प्रमाण मांगे
• जवाब नहीं मिला तो वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी
उज्जैन में दशहरे पर होने वाले रावण दहन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने रावण दहन आयोजित करने वाली चार समितियों को वकील के जरिए कानूनी नोटिस भेजा है। समाज ने उनसे 7 दिन के भीतर यह प्रमाण देने को कहा है कि आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को रावण वध का उल्लेख किस धर्मशास्त्र और पुराण में मिलता है। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही शहर में रावण दहन के विरोध में पोस्टर भी लगाए गए हैं।
दशहरे से पहले चार आयोजक समितियों को नोटिस
20 अक्टूबर को दशहरा पर्व पर रावण दहन होना है। इससे पहले महाकाल मंदिर के पुजारी और अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के संस्थापक अध्यक्ष महेश पुजारी ने वकील अश्विन चौधरी के माध्यम से चार आयोजक समितियों को नोटिस भिजवाया है।
नोटिस पाने वाली समितियों में लाला ओम अमरनाथ खत्री दशहरा उत्सव समिति, कार्तिक मेला दशहरा उत्सव समिति, सिद्धवट दशहरा समिति और शास्त्री नगर दशहरा उत्सव समिति शामिल हैं।
सात दिन में शास्त्रों और पुराणों का प्रमाण देने की मांग
समाज ने नोटिस में रावण से संबंधित धर्मशास्त्रों की बातों का उल्लेख करते हुए कहा है कि वह रावण दहन की परंपरा से असंतुष्ट है। आयोजक समितियों से आगामी आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को रावण दहन नहीं करने को कहा गया है।
नोटिस के मुताबिक, यदि समितियां इस तिथि पर रावण दहन करती हैं, तो उन्हें बताना होगा कि किस धर्मशास्त्र या पुराण में इसी दिन रावण वध होने का उल्लेख है।
समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि 7 दिन के भीतर रावण दहन के संबंध में ऐसा कोई स्पष्ट उल्लेख प्रस्तुत नहीं किया गया, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में यह भी कहा गया है कि कार्रवाई के दौरान होने वाले हर्जे और खर्चे आयोजक समितियों को वहन करने होंगे।
महेश पुजारी ने ब्राह्मणों के अपमान का मुद्दा उठाया
अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के संस्थापक अध्यक्ष महेश पुजारी ने कहा कि नगर और देश में रावण दहन की आड़ में ब्राह्मणों का अपमान किया जा रहा है और इसे बंद किया जाना चाहिए।
उन्होंने रावण दहन आयोजित करने वाली समितियों से सवाल किया कि वे करोड़ों सनातनियों को बताएं कि किस शास्त्र में रावण दहन का उल्लेख है। महेश पुजारी के मुताबिक, रावण ने ऐसा कोई कृत्य नहीं किया कि हर साल उसे जलाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में अंग्रेजों और मुस्लिमों ने ब्राह्मणों का अपमान करते हुए उनकी शिखा और यज्ञोपवीत काटे थे।
देशभर की संस्थाओं से रावण दहन बंद करने का अनुरोध
अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने देश की सभी संस्थाओं से रावण दहन बंद करने का अनुरोध किया है। उज्जैन में चार आयोजक समितियों को नोटिस भेजे जाने और शहर में विरोध के पोस्टर लगाए जाने के बाद दशहरे पर होने वाले रावण दहन को लेकर विवाद सामने आया है।