उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक नया आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जैसे राम जी जब समुद्र किनारे डेरा डाले थे तो रावण गुप्तचर भेजता था, उसी तरह अखिलेश यादव ने गुप्तचर भेजे थे।
ओम प्रकाश राजभर ने यह बात अब्बास अंसारी के सपा में शामिल होने के सवाल पर कही। उन्होंने कहा कि हमको सपा ने 16 टिकट दिए थे और उसमें 12 नेता सपा के थे। यानि धोखा देने के लिए ही, ताकि जीत जाएंगे तो हमारी पार्टी में वापस आ जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री रविवार को गाजीपुर में योग दिवस पर आयोजित कार्य्रक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
पीडीए पेड़ का उड़ाया मजाक
सपा द्वारा एक जुलाई से पीडीए पेड़ के सवाल पर राजकर ने कहा कि सपा पहले एम-वाई की बात करती थी। उसे खत्म करने के लिए अब पीडीए चलाते हैं। अभी आप पीडीए पेड़ बता रहे हैं,लेकिन हमने अब तक पीपल का पेड़, बरगद का पेड़, जामुन का पेड़ जाना लेकिन यह पीडीए पेड़ सैफई में पैदा होता है? उन्होंने तंज कसते हुए बोले कि आप लोग भी पता करिए पीडीए पेड़ कैसा होता है?
जिन पार्टियों ने महिला विधेयक का विरोध किया उनमें टूट शुरू
समाजवादी पार्टी में टूट की बात को आगे बढ़ाते हुए राजभर ने कहा कि जिन पार्टियों ने महिला विधेयक का विरोध किया, उनके सांसद टूटना शुरू हो चुके है। यह लोग गांव जाते हैं तो महिलाएं इनका विरोध करती हैं। टीएमसी को देखिए 20 सांसद चले गए, शिवसेना को देखिए उनके 6 सांसद चले गए। लोकसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है देखिएगा समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी.
अखिलेश और टिन्नू में तालमेल का आरोप
राजभर ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर अखिलेश यादव को लेकर कहा कि उनको बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि जो व्यक्ति भगवान राम के दर्शन के लिए नहीं गया, उन्हें यह नहीं पता है कि राम मंदिर का दरवाजा किधर है, किधर से खुलता है और किधर से निकलना है, ऐसे में वह व्यक्ति यह बयान दे रहा है।
उन्होंने कहा की विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलती है। अगर बुद्धि होती तो जाते भगवान राम के दर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मंदिर सरकार के नहीं बल्कि ट्रस्ट के अधीन है, सरकार का उसमें कोई योगदान नहीं है। ट्रस्ट के लोगों ने गड़बड़ी की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने SIT जांच गठित कर दी है और जांच चल रही है और इस जांच में अब अखिलेश यादव के बिरादर टिन्नू यादव का ही नाम आ रहा है। ऐसा लग रहा है कि अखिलेश यादव और टीनू यादव में तालमेल है । उधर से माल निकालता हो और इधर अखिलेश यादव को देता हो।