एशियन गेम्स में नाकामी पर पीवी सिंधु का छलका दर्द, बताई हार की वजहें

एशियन गेम्स में नाकामी पर पीवी सिंधु का छलका दर्द, बताई हार की वजहें
हाइलाइट्स :
• क्वार्टर फाइनल में तीन अंक से चूकीं सिंधु
• 18 घंटे में तीन मुकाबले खेलने का जिक्र
• निर्णायक क्षणों पर टीम के साथ करेंगी काम
• 2014 से चार एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व

PV Sindhu Asian Games: भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एशियन गेम्स अभियान खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किया। महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में हार के बाद सिंधु ने कहा कि वह इस समय आहत हैं, क्योंकि मुकाबला जीतने के बेहद करीब पहुंचकर उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि निर्णायक समय में केवल तीन अंक से जीत दूर थीं और उन तीन अंकों को लेकर वह बार-बार सोच रही हैं।

सिंधु ने बताया कि मुकाबले के दौरान चीन की तरह लंबे और चुनौतीपूर्ण रैलियों ने महत्वपूर्ण क्षणों में मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने माना कि उनके पास मैच जीतने का मौका था, लेकिन वह उसे भुना नहीं सकीं। उन्होंने कहा कि हार का यह दर्द उन्हें आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।

उन्होंने एशियन गेम्स के कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। सिंधु के अनुसार, उन्होंने 18 घंटे के भीतर तीन मुकाबले खेले। रात तीन बजे होटल लौटने के बाद सुबह 8:30 बजे फिर मुकाबले के लिए निकलना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसका असर पड़ा, लेकिन एशियन गेम्स से पहले हुए प्रशिक्षण शिविर ने उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने का भरोसा दिया था और वह इससे कहीं अधिक हासिल करना चाहती थीं।

सिंधु ने कहा कि वह और उनकी टीम पहले ही उन निर्णायक क्षणों पर काम कर रहे हैं, जहां मुकाबला उनके पक्ष में जा सकता था। उन्होंने कहा कि वह इस हार से निराश जरूर हैं, लेकिन उन्हें खुशी है कि खेल अब भी उनके लिए इतना मायने रखता है।

उन्होंने 2014 में अपने पहले एशियन गेम्स से लेकर अब तक चार एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व जताया। सिंधु ने कहा कि 12 साल तक भारत के लिए पूरी क्षमता से खेलने की यात्रा को भी वह महसूस करना चाहती हैं। उन्होंने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि वह फिर कोर्ट पर उतरेंगी।