लाल किले से प्रधामंत्री
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- ‘सप्तधारा’ से देश को नई गति
- डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना बढ़ा
- डिजिटल ट्रांजैक्शन 100% बढ़ा
- दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा
- परीक्षार्थियों को फ्री कोचिंग मिलेगी
- 5 से 15 साल के बच्चों के लिए खेल टैलेंट हंट
- एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
- महिला आरक्षण समय की माँग
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PM Narendra Modi : आजादी की सौंवी वर्षगाँठ तक देश को विकसित बनाने का संकल्प दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहै है कि ‘सप्तधारा’ से देश को नई गति और नईं ऊँचाई मिलेगी।
80 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए कहा, ‘मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला। हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं।"
सप्तधारा की शक्ति
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश में विकास और आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए 'शक्ति की सप्तधारा' का सिद्धांत प्रतिपादित करते हुए कहा कि मैन्युफैक्चरिंग पॉवर, कृषि और फ़ूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गतिशक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी, और सॉफ्ट पावर से देश को नई गति और ऊँचाई मिलेगी। उन्होंने कहा कि डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनना होगा।
उल्लेखनीय उपलब्धियां
देश को हाल के वर्षों में मिली सफलताओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, "पिछले 12 सालों में डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना बढ़ा है, खादी और ग्रामोद्योग का प्रोडक्शन पांच गुना बढ़ा है, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है। मोबाइल फोन का प्रोडक्शन 33% बढ़ा है और डिजिटल ट्रांजैक्शन 100% बढ़े हैं।"
उन्होंने कहा, ‘जो कभी No-Go-Area हुआ करते थे, हमने उन्हें Go-Ahead-Area कर दिया। हम समुद्र के भीतर भी नए-नए भंडार खोजने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।’
पीछे छूटीं चुनौतियां
देश के समाने आईं चुनौतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि "पिछले 10-12 वर्षों में हमने कई खतरों का सामना किया है। जैसे ही हम कोविड से बाहर निकले, यूक्रेन और पश्चिम एशिया से युद्ध की खबरें आने लगीं। तनाव का माहौल बन गया था। न जाने लोगों ने क्या-क्या भविष्यवाणियां की थीं! कुछ लोगों को देश में डर का माहौल बनाने में मजा आता था; वे अफवाहें फैलाते थे कि वैक्सीन नहीं मिलेगी, देश में पेट्रोल, डीज़ल और खाद नहीं मिलेगी। कुछ लोग देश में बेचैनी का माहौल बनाकर खुश हो रहे थे।"
दिमागी नक्सली से सावधान
देश से नक्सलवाद को खत्म करने में मिली सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने सचेत किया, “दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं, समाज को अलग रास्ते पर ले जा रहे हैं, इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा।”
फ्री कोचिंग और खेल टैलेंट हंट
प्रधानमंत्री ने अपने 77 मिनट के संबोधन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को रेखांकित किया। उन्होंने युवा शक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण और देश को विकसित बनाने के लिए उन्हें जोड़ने को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को फ्री ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री ने देश के नौजवानों के लिए घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्होंने खेलों को लेकर कहा कि पाँच से पंद्रह साल के बच्चों के लिए देश में टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा।
महिला आरक्षण
महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण समय की माँग है और इसे देने के लिए सभी राजनीतिक दलों को साथ आना चाहिए।