पंचकूला के सरकारी स्कूल में हमले में गंभीर रूप से घायल हुई छह साल की बच्ची छह दिन बाद घर लौट आई है। पीजीआई में इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे छुट्टी दे दी। सोमवार को जब बच्ची अपने पिता की गोद में पीर मुच्छला गांव स्थित चाचा के घर पहुंची, तो परिवार के लोग भावुक हो गए। किसी ने फूलों से उसका स्वागत किया तो किसी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
बच्ची पंचकूला के सरकारी स्कूल के कमरा नंबर-19 में तीसरी कक्षा के छात्र के हमले में घायल हुई थी। उसके अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान परिवार के लिए हर दिन मुश्किल भरा रहा। घर में सभी उसकी वापसी का इंतजार कर रहे थे। छह दिन बाद जब वह लौटी तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
घर पहुंचते ही फूफू से लिपट गई बच्ची
बच्ची का अपनी फूफू से खास लगाव है। घर पहुंचते ही वह उनसे लिपट गई और काफी देर तक रोती रही। फूफू ने उसे सीने से लगाकर प्यार से संभाला। इसके बाद मां ने भी उसे गोद में लेकर गले से लगा लिया।
पिता की आंखें भी बेटी को देखकर भर आईं। उन्होंने कहा कि बेटी का घर लौटना उनके लिए सबसे बड़ा दिन है। दादा-दादी ने उसे प्यार किया और उसकी नजर उतारी। चाचा-चाची ने भी माथा चूमकर स्वागत किया। वहीं, बड़ी बहन उसके पास बैठी रही।
बच्ची के अस्पताल में रहने के दौरान घर का माहौल पूरी तरह बदला हुआ था। मां दरवाजे पर उसकी राह देखती थीं, जबकि बड़ी बहन बार-बार उसके लौटने के बारे में पूछती थी। परिवार के अन्य सदस्य भी उसकी सलामती के लिए दुआ कर रहे थे।
अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुई बच्ची, दोबारा होगा चेकअप
घर लौटने के बावजूद बच्ची की सेहत अभी पूरी तरह ठीक नहीं है। पिता के मुताबिक, पीजीआई में सभी टेस्ट होने के बाद डॉक्टरों ने उसे छुट्टी दी है, लेकिन 10 दिन बाद दोबारा जांच के लिए बुलाया गया है।
बच्ची को अब भी चक्कर आते हैं और पैरों में तेज दर्द रहता है। रात में नींद से अचानक उठ जाती है और कहती है, 'अब स्कूल नहीं जाना'। परिवार के मुताबिक, घटना के बाद उसके मन में डर बना हुआ है।
बच्ची के घर लौटने की सूचना मिलने पर जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उससे मिलने पहुंचे। उन्होंने उसका हालचाल जाना और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। शिक्षा विभाग की ओर से बच्ची का फूलों से स्वागत भी किया गया।
समाजसेवी अनिल थापर उठाएंगे बच्ची की पढ़ाई का पूरा खर्च
बच्ची और उसके परिवार के लिए मदद का हाथ भी आगे बढ़ा है। पंचकूला के समाजसेवी अनिल थापर ने उसके भविष्य और शिक्षा को लेकर अहम घोषणा की है।
उन्होंने कहा है कि बच्ची जब तक और जहां तक पढ़ाई करना चाहेगी, उसकी पूरी शिक्षा का खर्च वह खुद उठाएंगे।
फिलहाल परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि बच्ची जल्द स्वस्थ हो और फिर से सामान्य जिंदगी जी सके। छह दिन बाद घर लौटी बच्ची की सेहत में सुधार और उसके मन से डर दूर होने का परिवार इंतजार कर रहा है।