टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के बाद मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड की बड़ी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस ने सेलिब्रिटीज को मौखिक रूप से आगाह किया है कि वे सार्वजनिक जगहों पर ज्यादा देर तक रुकने से बचें। साथ ही, प्रशंसकों के साथ भीड़ के बीच सेल्फी लेने से परहेज करने की सलाह दी गई है। यह कदम लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिल रही धमकियों और हाल के दिनों में बॉलीवुड हस्तियों को निशाना बनाकर हुई गोलीबारी की घटनाओं के मद्देनजर उठाया गया है।
अमिताभ बच्चन ने बुलेट प्रूफ कांच के पीछे से किया प्रशंसकों का अभिवादन
मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'अमर उजाला' को बताया कि पुलिस की सलाह के बाद अमिताभ बच्चन ने पिछले सप्ताह अपने बंगले से बुलेट प्रूफ कांच के पीछे रहकर प्रशंसकों का अभिवादन किया था। अधिकारी के मुताबिक, इससे पहले अमिताभ बच्चन कभी भी अपने घर पर बुलेट प्रूफ शीशे के पीछे इस तरह नजर नहीं आए थे।
अधिकारी ने बताया कि हाल के दिनों में सलमान खान, रोहित शेट्टी और अब टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर हुई गोलीबारी की घटनाओं के बाद पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसी वजह से बॉलीवुड की बड़ी सेलिब्रिटीज को मौखिक रूप से सतर्क किया गया है।
टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या का जिक्र करते हुए अधिकारी ने बताया कि वह हर सप्ताह जुहू में फुटबॉल खेलने जाते थे। खेल खत्म होने के बाद कार में बैठने से पहले अक्सर प्रशंसकों के साथ सेल्फी भी लेते थे। लेकिन 18 अक्टूबर को कार में बैठते ही उन पर गोली चला दी गई।
रोहित शेट्टी और टाइगर श्रॉफ को नहीं मिली थी धमकी
मुंबई पुलिस के अधिकारी के अनुसार, 90 के दशक में जब बॉलीवुड की कई हस्तियां निशाने पर थीं, तब पुलिस को आमतौर पर यह जानकारी रहती थी कि किन लोगों को अंडरवर्ल्ड सरगनाओं की ओर से फोन आए हैं। इसी आधार पर उनकी सुरक्षा के इंतजाम किए जाते थे।
हालांकि, रोहित शेट्टी और टाइगर श्रॉफ के मामलों में स्थिति अलग रही। अधिकारी के मुताबिक, इन दोनों हस्तियों को कभी धमकी भरे फोन नहीं आए थे। पुलिस ने भी कल्पना नहीं की थी कि उन्हें निशाना बनाकर गोलीबारी की घटनाएं हो सकती हैं।
इन घटनाओं के बाद मुंबई पुलिस बॉलीवुड की लगभग सभी बड़ी हस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। कुछ सेलिब्रिटीज की सुरक्षा बढ़ाई भी गई है। टाइगर श्रॉफ मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को ऐसे इनपुट मिले हैं कि फायरिंग से पहले किन-किन अभिनेताओं के यहां रेकी की गई थी। इसके बाद संबंधित हस्तियों की सुरक्षा की विशेष रूप से समीक्षा की गई।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में 13वीं गिरफ्तारी
इस मामले में गिरफ्तार 13वीं आरोपी सुनेहा पंडित की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सुनेहा, वांटेड गैंग लीडर अनिल पंडित के भाई अभिषेक की पत्नी है। उसे मंगलवार को विशेष मकोका अदालत में पेश किया गया।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि अभिषेक उस क्रिप्टोकरेंसी अकाउंट का संचालन करता था, जिसमें विदेश से रकम आई थी। जांच के दौरान क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी कुछ चैट भी ट्रेस हुई हैं।
क्राइम ब्रांच को शक है कि अभिषेक अपने नेटवर्क के अलावा दो अन्य समूहों के लिए भी भुगतान का इंतजाम करता था। आरोपियों को विशेष कोड दिए गए थे, जिनके जरिए क्यूआर कोड की मदद से रकम ट्रांसफर की जा सकती थी।
अब जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्रिप्टोकरेंसी अकाउंट में आई रकम बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों से फायरिंग से जुड़े लोगों तक किस तरह पहुंचाई गई।
47 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जांच
पुलिस को संदेह है कि सुनेहा ने भी कुछ आरोपियों तक पैसे पहुंचाने में मदद की थी। इसी वजह से उसके बैंक खातों के लेनदेन की जांच की जा रही है। इसमें मामले के एक अन्य आरोपी अमर मुंडेलिया के खाते में भेजी गई रकम भी शामिल है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, 47 लाख रुपये के कुल लेनदेन में से 57 हजार रुपये सुनेहा के खाते में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, इस रकम का फायरिंग की घटना से सीधा संबंध अभी साबित नहीं हुआ है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों के लॉज में ठहरने और फायरिंग में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल खरीदने का भुगतान इसी नेटवर्क के जरिए किया गया था या नहीं।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, 47 लाख रुपये का आंकड़ा उन सभी संदिग्ध लेनदेन का कुल मूल्य है, जिनकी पड़ताल की जा रही है। इसका यह मतलब नहीं है कि पूरी रकम केवल फायरिंग की योजना पर खर्च हुई थी।
फिलहाल क्राइम ब्रांच सुनेहा से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बैंक ट्रांसफर और क्यूआर कोड के जरिए किए गए भुगतान किसी संगठित फंडिंग नेटवर्क का हिस्सा थे या नहीं।