धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि के साथ कुबेर देव और मां लक्ष्मी की पूजा करने की भी धार्मिक मान्यता है। माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से कुबेर देव का पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। हालांकि, पूजा के दौरान कुछ खास नियमों और दिशा का ध्यान रखना जरूरी बताया गया है।
धनतेरस का पर्व हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार धन, सुख-समृद्धि और आरोग्य से जुड़ा है। ऐसे में अगर आप इस दिन कुबेर देव की पूजा करना चाहते हैं, तो पूजन की विधि और सही दिशा के बारे में जान लें।
धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा की विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। पूजा के लिए इस विधि का पालन किया जा सकता है:
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सबसे पहले सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें और पूजा स्थल की सफाई करें।
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नियमित पूजा के बाद घर के मंदिर में मौजूद सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्नान कराएं।
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शाम को शुभ मुहूर्त में उत्तर दिशा की ओर एक चौकी स्थापित करें।
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चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर भगवान कुबेर की प्रतिमा या तस्वीर रखें।
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भगवान कुबेर के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद फूल, अक्षत, चंदन, धूप और नैवेद्य अर्पित करें।
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पूजा के दौरान मां लक्ष्मी का भी ध्यान करें और उनका पूजन करें।
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अंत में भगवान कुबेर के मंत्र 'ॐ कुबेराय नमः' का कम से कम 11 बार जाप करें।
कुबेर देव की पूजा के लिए कौन सी दिशा है शुभ?
धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा करते समय दिशा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तर दिशा को भगवान कुबेर की दिशा माना गया है। इसे धन और समृद्धि से भी जोड़कर देखा जाता है।
इसलिए कुबेर देव की पूजा के लिए उत्तर दिशा में बैठना सबसे अच्छा माना जाता है। अगर किसी वजह से उत्तर दिशा में बैठना संभव न हो, तो उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा की ओर मुख करके भी पूजा की जा सकती है।
वहीं, पूजा के समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि घर की उत्तर दिशा को साफ, खुला और व्यवस्थित रखना चाहिए।
मां लक्ष्मी के साथ कुबेर देव की पूजा का महत्व
धनतेरस पर भगवान कुबेर के साथ मां लक्ष्मी का पूजन भी किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दोनों की एक साथ पूजा करने से घर में धन और समृद्धि बनी रहती है।
इस दिन पूजा के दौरान मां लक्ष्मी का ध्यान करने के साथ भगवान कुबेर के मंत्र का जाप भी किया जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने पर सुख-समृद्धि और आर्थिक खुशहाली बनी रहती है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय, लाभ, सलाह और कथन केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। News Corridors इस लेख में दी गई मान्यताओं का समर्थन नहीं करता है। इसमें शामिल जानकारी विभिन्न माध्यमों, ज्योतिषियों, पंचांग, प्रवचनों, धार्मिक मान्यताओं, धर्मग्रंथों और दंतकथाओं से संकलित की गई है। पाठक इसे अंतिम सत्य या दावा न मानें और अपने विवेक का उपयोग करें। News Corridorsअंधविश्वास के खिलाफ है।