Trump Tariff Attack On India: अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों को लेकर एक बड़ा विधेयक आगे बढ़ा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ऐसे बिल को आगे बढ़ाने के पक्ष में मतदान हुआ है, जो रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। भारत रूस से तेल और गैस खरीदता रहा है और इसी वजह से वह भी संभावित तौर पर इस प्रस्ताव की जद में आ सकता है।
'पीटीआई' की रिपोर्ट के मुताबिक, 'लिंडसे ओ ग्राहम सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' को मंगलवार (15 सितंबर) शाम अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में आगे बढ़ाने के पक्ष में वोटिंग हुई। प्रस्ताव 214-211 मतों से मंजूर हुआ। दो डेमोक्रेटिक सांसदों ने अपनी पार्टी के रुख से अलग जाकर रिपब्लिकन के समर्थन में वोट किया।
अमेरिकी सदन में बिल पर फाइनल वोटिंग की तैयारी
रूसी तेल के खिलाफ लाए गए इस बिल पर बुधवार को प्रतिनिधि सभा में फाइनल वोटिंग हो सकती है। बिल को लेकर हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के शीर्ष नेताओं और डेमोक्रेटिक कांग्रेसमैन ग्रेगरी मीक्स ने सोमवार को विरोध जताया था।
उनका तर्क था कि यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बिना किसी रुकावट के अपनी इच्छा के मुताबिक टैरिफ लगाने का अधिकार दे सकता है।
इससे पहले अमेरिकी सीनेट 86-11 के भारी बहुमत से इस बिल को मंजूरी दे चुकी है।
रूस के तेल और ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध का मकसद
बिल का उद्देश्य रूस के नेतृत्व और उसके ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाना है। इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप उस 'शैडो फ्लीट' पर भी शिकंजा कसना चाहते हैं, जिसके जरिए मॉस्को को तेल आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों से बचने में मदद मिलती है।
रूस से तेल खरीदने वाले देशों को लेकर अमेरिका की नीति का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ सकता है। भारत और चीन रूस के बड़े तेल खरीदारों में शामिल हैं और इनके अलावा भी कई देश रूस से तेल खरीदते हैं।
भारत को पहले भी चेतावनी दे चुके हैं ट्रंप
रूसी तेल की खरीद को लेकर डोनाल्ड ट्रंप भारत को कई बार चेतावनी दे चुके हैं। हालांकि भारत अपने फैसले पर अडिग रहा है।
रूसी तेल के मुद्दे का असर अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर भी पड़ा था। इसी वजह से दोनों देशों के बीच बातचीत अटक गई थी, हालांकि काफी मुश्किलों के बाद यह आगे बढ़ी।
अब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में आगे बढ़े नए बिल के चलते भारत पर संभावित 100 प्रतिशत टैरिफ को लेकर सवाल खड़ा हो गया है।
किन देशों पर लग सकता है 100 प्रतिशत टैरिफ?
अगर अमेरिकी सदन में यह बिल पास हो जाता है, तो रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है।
भारत और चीन के अलावा तुर्किए, यूएई, सिंगापुर, अजरबैजान, हंगरी और किर्गिज रिपब्लिक भी संभावित रूप से इस भारी टैरिफ की जद में आ सकते हैं।
फिलहाल बिल अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में आगे बढ़ चुका है और बुधवार को इसकी फाइनल वोटिंग हो सकती है।