- भारत और स्विट्जरलैंड ने निवेश बढ़ाने पर जताई सहमति
- स्विस बाजार में भारतीय निर्यात बढ़ाने पर बनी सहमति
- परमाणु ऊर्जा और रक्षा सहयोग को मिलेगा विस्तार
- परिवहन और बुनियादी ढांचे पर समझौते पर हुए हस्ताक्षर
- अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य
|
India Switzerland Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की बातचीत के बाद दोनों देशों के रिश्ते नए दौर में प्रवेश कर गए हैं। अब सहयोग सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों देश निवेश, निर्यात, रक्षा, परमाणु ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में मिलकर काम बढ़ाएंगे।
स्विट्जरलैंड में भारतीय सामान की बिक्री बढ़ाने और वहां से ज्यादा निवेश भारत लाने पर सहमति बनी है। पीएम मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन के बीच वार्ता के बाद, भारत और स्विट्जरलैंड ने सोमवार को आव्रजन और आवाजाही साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए। साथ ही, उन्होंने भारतीय निर्यात के लिए स्विस बाजार तक पहुंच बढ़ाने और परमाणु ऊर्जा व रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति जताई।
पार्मेलिन दूसरी बार भारत आए
पार्मेलिन सोमवार सुबह तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे, जो उनकी इस देश की पहली आधिकारिक यात्रा है। हालांकि, इस वर्ष वह दूसरी बार भारत आए हैं। वह इससे पहले फरवरी में आयोजित 'एआई इंपैक्ट शिखर सम्मेलन' में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
पीएम मोदी ने कहा कि स्विट्जरलैंड में भारतीय निर्यात के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाने और दोनों देशों के बीच निवेश को और आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए । हम अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अपने लक्ष्यों को साकार करेंगे।
परमाणु ऊर्जा पर भी समझौता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों ने परमाणु ऊर्जा में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताने के अलावा सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उत्पादन में सहयोग के लिए 'नई संभावनाओं' की पहचान की।
उन्होंने कहा कि वाराणसी में रोपवे, नोएडा में जेवर हवाईअड्डा, और पहाड़ी क्षेत्रों में रेलवे तथा सुरंग निर्माण परियोजनाएं हमारे बुनियादी ढांचे के सहयोग के शानदार उदाहरण हैं। पीएम के अनुसार, परिवहन और बुनियादी ढांचे पर सहयोग के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।