iPhone खरीदने के बाद सिर्फ उसका लुक, Apple का लोगो या बॉक्स देखकर यह तय न करें कि फोन असली है। नकली iPhone कई बार देखने में बिल्कुल असली जैसा लग सकता है। ऐसे में फोन की Settings, ऑपरेटिंग सिस्टम, Siri, सीरियल नंबर, IMEI और कैमरा जैसी चीजों की जांच जरूरी है।
नया iPhone खरीद रहे हों या सेकेंड हैंड मॉडल, कुछ मिनट की जांच से फोन की पहचान से जुड़ी जरूरी जानकारी हासिल की जा सकती है। खास तौर पर सेकेंड हैंड iPhone लेते समय पार्ट्स और सर्विस हिस्ट्री भी देखनी चाहिए।
Settings में सबसे पहले फोन की जानकारी देखें
iPhone ऑन करने के बाद Settings में जाएं। इसके बाद General और फिर About पर टैप करें। यहां मॉडल का नाम, मॉडल नंबर, सीरियल नंबर, IMEI, iOS वर्जन और स्टोरेज जैसी जानकारी दिखाई देगी।
अगर फोन में iPhone के नाम पर कोई अलग ऑपरेटिंग सिस्टम या अजीब इंटरफेस नजर आता है, तो सावधान रहने की जरूरत है। यह नकली फोन होने का संकेत हो सकता है।
iOS और Apple ऐप्स को जरूर जांचें
असली iPhone iOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है। इसलिए Settings, App Store, Safari, FaceTime और दूसरे Apple ऐप्स खोलकर देखें कि वे सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।
कुछ नकली फोन बाहर से iPhone जैसे दिखते हैं, लेकिन अंदर से Android पर चलते हैं। अगर फोन में Google Play Store या Android से जुड़े फीचर्स दिखाई दें, तो यह बड़ा रेड फ्लैग हो सकता है।
Siri का भी करें टेस्ट
Siri Apple का वॉइस असिस्टेंट है। इसे एक्टिवेट करके कोई सामान्य सवाल पूछें और देखें कि यह ठीक से काम कर रही है या नहीं।
अगर Siri की जगह कोई दूसरा असिस्टेंट खुलता है या Siri सामान्य तरीके से काम नहीं करती, तो फोन को लेकर सतर्क रहें।
सीरियल नंबर और IMEI का मिलान करें
Settings में General और फिर About खोलने पर फोन का सीरियल नंबर और IMEI मिल जाएगा। अगर फोन का बॉक्स मौजूद है, तो उस पर लिखे नंबरों से फोन में दिखाई दे रही जानकारी का मिलान करें।
अगर बॉक्स और फोन पर दिए गए नंबर अलग-अलग हैं, तो खरीदारी आगे बढ़ाने से पहले सेलर से इसकी वजह पूछें। इन नंबरों की जांच से फोन की पहचान से जुड़ी जानकारी मिल सकती है।
बॉक्स और पैकेजिंग को भी ध्यान से देखें
नया iPhone खरीदते समय बॉक्स की प्रिंटिंग, Apple की ब्रांडिंग और पैकेजिंग की क्वालिटी पर ध्यान दें। प्रिंट धुंधला हो, शब्दों में गलती हो या बॉक्स की फिनिश खराब लगे, तो सतर्क रहें।
बॉक्स पर मौजूद जानकारी को फोन के अंदर दी गई डिटेल्स से मिलाएं। हालांकि, सिर्फ अच्छी पैकेजिंग देखकर फोन को असली नहीं मानना चाहिए। असली जांच फोन ऑन करने के बाद की गई डिटेल्स से करें।
कैमरे को सिर्फ खोलें नहीं, इस्तेमाल करके देखें
सिर्फ कैमरा ऐप खुल जाने से यह साबित नहीं होता कि फोन असली है। फोटो खींचकर, वीडियो रिकॉर्ड करके और अलग-अलग कैमरा मोड्स को आजमाकर देखें।
फोकस, फोटो की क्वालिटी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर भी ध्यान दें। अगर फोन में एक से ज्यादा कैमरे हैं, तो हर कैमरे को अलग-अलग टेस्ट करें। कुछ नकली या रिपेयर किए गए फोन में कैमरा सेटअप बाहर से सही दिख सकता है, लेकिन सभी कैमरे ठीक से काम नहीं करते।
सेकेंड हैंड iPhone में पार्ट्स और सर्विस हिस्ट्री देखें
पुराना iPhone खरीदते समय उसकी पार्ट्स और सर्विस हिस्ट्री भी चेक करें। इससे फोन में बदले गए पार्ट्स से जुड़ी जानकारी मिल सकती है।
इसलिए iPhone खरीदते समय केवल फोन के लुक या बॉक्स पर भरोसा न करें। Settings, सॉफ्टवेयर और जरूरी डिटेल्स को अच्छी तरह जांचने के बाद ही खरीदारी का फैसला लें।