डाक विभाग ने बीकानेर हाउस, नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रसिद्ध कलाकार, वास्तुकार, मूर्तिकार और लेखक दिवंगत सतीश गुजराल के शताब्दी वर्ष पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। यह टिकट केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जारी किया।
| गुजराल भारत के प्रमुख कलाकारों में एक थे जिनका करियर सात दशक से अधिक वर्षों तक फैला हुआ था। पद्म विभूषण से सम्मानित गुजराल ने भारतीय कला, वास्तुकला और संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान दिया |
सिंधिया ने दिवंगत सतीश गुजराल को एक रचनात्मक प्रतिभा बताते हुए कहा कि उनका जीवन दृढ़ता, नवाचार और उत्कृष्टता का परिचायक रहा। उन्होंने गुजराल के चित्रकार, मूर्तिकार, वास्तुकार, मुर्तिकार और लेखक के रूप में असाधारण योगदानों को उजागर किया और कहा कि उनके कार्य भारत व विश्व भर में पीढ़ियों को प्रेरित करते रहते हैं।
उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि वीएसएनएल के 125वाँ वार्षिक स्मारक पर जारी डाक टिकट में गुजराल ने संचार के विचार को प्रभावशाली दृश्य रूपकों में रूपांतरित किया था।
टिकट पर गुजराल की एक मुद्रित आकृति है जिसमें वह बैठकर हाथ में सक्रिय रूप से पेंटब्रश थामे हुए दिखाई देते हैं, जो उनकी जीवनभर की कला और रचनात्मकता के प्रति लगन का प्रतीक है। यह रचना उन्हें विचारशील मुद्रा में दर्शाती है, जो उनकी कलात्मक दृष्टि की गहराई और बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है। पृष्ठभूमि उनके विशिष्ट शैलियों से प्रेरित जीवंत कलात्मक रंग-रूप में, समृद्ध बैंगनी और नीले शेड्स में प्रतिपादित की गई है, जो गरिमा और रचनात्मक अभिव्यक्ति का भाव संप्रेषित करती है।
यह टिकट अनुज कुमार द्वारा डिज़ाइन किया गया है और इसका प्रस्ताव रसील गुजराल अंसल ने रखा था।